
दसवीं बार बांध से पानी की निकासी
सरमथुरा (धौलपुर): पार्वती बांध इस बार पूर्व के रिकॉर्ड तोड़कर बीते 80 दिनों से लगातार छलक रहा है। वहीं, पार्वती नदी में पानी की निकासी भी लगातार जारी है। शनिवार दिनभर बांध से पार्वती नदी में पानी की निकासी जारी रही। दसवीं बार बांध से पानी की निकासी की जा रही है।
बता दें कि सुबह 12 बजे पार्वती बांध का जलस्तर 223.44 मीटर तक पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने दो गेट दो मीटर तक खोलकर पार्वती नदी में प्रति सेकेंड 2 हजार 107 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग के जेईएन सुशील गुर्जर ने बताया कि शनिवार को पार्वती बांध का गेज 223.44 मीटर पहुंचने के बाद पार्वती बांध के दो गेट दो मीटर खोलकर पानी की निकासी की गई है।
जेईएन ने बताया कि पार्वती बांध की क्षमता 223.41 मीटर है। वहीं, कैचमेंट एरिया 786 स्क्वायर वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि इस बार पार्वती बांध 14 जुलाई तक ही भराव क्षमता तक पहुंचने के कारण सिंचाई विभाग ने गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी थी। बांध से पानी की निकासी पर ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया।
हालांकि, पार्वती नदी में बदस्तूर जलधारा बहने के कारण बसेड़ी, सैपऊ, राजाखेड़ा आदि क्षेत्रों में लोगों को बाढ़ का संकट खड़ा हो गया था। वहीं, मुख्य रास्तों सहित ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन बाधित हुआ था। पार्वती नदी में नियमित जलधारा बहने के कारण कई रपटें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
उपखंड में पार्वती नदी की जलधारा करौली जिले से होते हुए ग्राम पंचायत बीलौनी, खरौली, चंद्रावली, मढासिंल, खुर्दिया पंचायत होते हुए पार्वती बांध तक पहुंचती है। इस मानसून पार्वती नदी में चार महीने से बदस्तूर जलधारा बहने से तकैयापुरा, खैरारा सहित कई गांवों का रास्ता प्रभावित बना हुआ है। वहीं, पार्वती नदी का विहंगम दृष्य देखने को मिला है। हालांकि, पार्वती नदी से किसानों को फसल की बर्बादी का नुकसान झेलना पड़ा है।
पार्वती बांध ने गत बर्ष में कई रिकॉर्ड बनाएं है। पार्वती बांध की भराव क्षमता 4269 एमसीएफटी है। वहीं, सिचाई विभाग द्वारा 7072 एमसीएफटी पानी छोड़ा जा चुका है। सिचाई विभाग 14 जुलाई से अब तक दस बार गेट खोल चुका है। हालांकि, आंगई में 1124 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
Updated on:
05 Oct 2025 11:24 am
Published on:
05 Oct 2025 11:24 am
