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Dholpur Murder: बहुचर्चित छात्र नेता हत्याकांड में 14 साल बाद शूटर गिरफ्तार, यूपी के गंगा एक्सप्रेस-वे से पकड़ा

Dholpur Murder Case: धौलपुर के बहुचर्चित नरेश कुशवाह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 14 साल से फरार चल रहे मुख्य शार्प शूटर रोबिन सिंह को यूपी के हापुड़ टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया है।

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Dholpur Murder Case

पुलिस गिरफ्त में शूटर रोबिन सिंह। फोटो- पत्रिका

धौलपुर। पुलिस ने बहुचर्चित नरेश कुशवाह हत्याकांड मामले में करीब 14 साल से फरार चल रहे मुख्य शार्प शूटर रोबिन सिंह को यूपी में गंगा एक्सप्रेस-वे पर हापुड़ टोल प्लाजा के पास पीछा कर गिरफ्तार किया है। आरोपित की गिरफ्तारी पर 35 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस से बचने के लिए आरोपित ने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी कर पहचान बदलने का प्रयास किया था।

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वारदात में शामिल आरोपित सत्येन्द्र सिंह, पूर्व विधायक बीएल कुशवाह, उनके भाई शिवराम कुशवाह और जीतू उर्फ जितेन्द्र कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि इनामी आरोपित रोबिन सिंह जाट ने अपने साथी सत्येन्द्र सिंह, पूर्व फौजी, के साथ मिलकर 27 दिसम्बर 2012 को छात्र नेता नरेश कुशवाह हत्याकांड को अंजाम दिया था। प्रकरण में सुपारी किलर रोबिन सिंह करीब 14 साल से फरार चल रहा था।

35 हजार थी इनामी राशि

आरोपित की गिरफ्तारी पर हाल ही में भरतपुर रेंज आईजी कार्यालय की ओर से इनाम राशि बढ़ाकर 35 हजार रुपए की गई थी। हत्याकांड के बाद से सुपारी किलर रोबिन फरार चल रहा था। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए करीब 8 माह से एएसपी (मुख्यालय) वैभव शर्मा के निर्देशन में पुलिस टीमों ने असम, गढ़मुक्तेश्वर, बुलंदशहर, जहांगीराबाद, यूपी, बिहार, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई स्थानों से अलग-अलग इनपुट एकत्र किए। साथ ही करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लगभग 6 हजार किलोमीटर सफर किया। आरोपित बीच में करीब 4 साल के लिए नेपाल भाग गया था।

27 दिसम्बर 2012 का है मामला

हत्याकांड को लेकर मृतक के भाई थान सिंह कुशवाह निवासी झील का पुरा, थाना सदर, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि 2012 को उसके भाई नरेश के साथी उसे बुलाकर ले गए और बाद में पिस्टल व रिवाल्वर से गोली मार दी। अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि पूर्व विधायक बीएल कुशवाहा, धौलपुर की वर्तमान विधायक शोभारानी कुशवाहा के पति हैं। हत्याकांड में आरोपित बीएल कुशवाहा फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

बुलाया था शार्प शूटर

उक्त वारदात में पूर्व विधायक बीएल कुशवाहा ने अपने पीएसओ सत्येन्द्र सिंह निवासी जलालपुर करीला, जिला बुलंदशहर, को छात्र नेता नरेश की हत्या के लिए शार्प शूटर लाने को कहा था। इसके बाद सत्येन्द्र अपने गांव जलालपुर करीला से सुपारी किलर रोबिन सिंह को पैसे देकर इस काम के लिए लाया था।

मृतक नरेश पूर्व विधायक के यहां गाड़ी चलाने का काम करता था और वहीं रहकर छात्र राजनीति में आगे बढ़ रहा था। इसी वजह से सत्येन्द्र सिंह उसे अच्छी तरह जानता था। जान-पहचान के चलते सत्येन्द्र उसे घर से बुलाकर बिजली बोरिंग पर ले गया, जहां सत्येन्द्र और रोबिन ने मिलकर नरेश की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। हत्याकांड के समय बीएल सीटिंग विधायक थे। वर्तमान में आरोपित सत्येन्द्र सिंह, पूर्व विधायक का भाई शिवराम और जितेन्द्र कुमार न्यायिक अभिरक्षा में हैं।

कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह की अहम भूमिका

शार्प शूटर की गिरफ्तारी में विशेष टीम के कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह की अहम भूमिका रही। इनामी आरोपित रोबिन की गिरफ्तारी के लिए कांस्टेबल हरवेन्द्र को जलालपुर करीला, थाना शिकारपुर, यूपी भेजा गया, जहां उसने जानकारी जुटाने के लिए गांव के रास्ते में एक चाय की दुकान पर 7 दिन तक काम किया। पता चला कि वर्ष 2007 में रोबिन के पिता सुरेश ने गांव में झगड़े के दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसके बाद परिवार गांव छोड़कर चला गया था और वह जहांगीराबाद-अनूपशहर, यूपी में कहीं रह रहा था।

पुलिस ने तलाश की और वोटर लिस्ट भी देखी, लेकिन पता नहीं चला। बाद में जानकारी मिली कि वह नेपाल बॉर्डर पर ट्रक चलाता है। इसके बाद ट्रक यूनियन से संपर्क कर जानकारी जुटाई गई। विशेष टीम ने टोल प्लाजा के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 6 हजार किलोमीटर तक पीछा कर उसे गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित सदरपुर, हापुड़ जिले के टोल प्लाजा पर पकड़ लिया।