
नगर परिषद कार्यालय
धौलपुर. कमजोर आर्थिक स्थिति से जूझ रही धौलपुर नगर परिषद ने कछुआ चाल से यूडी टैक्स (नगरीय विकास कर) कलेक्शन में वृद्धि की है। अभी तक यूडी टैक्स कलेक्शन को परिषद भूल ही चुकी है। गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर परिषद ने करीब 58 लाख और इस वित्तीय वर्ष जनवरी से अभी तक करीब 10 लाख रुपए यूडी टैक्स जमा हो चुका है। इससे पहले साल 2025 में यूडी टैक्स करीब 20 लाख रुपए ही जमा हो पाया था।
उधर, राज्य सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि निकाय संस्था अपने बकाया टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने और राजस्व पर गंभीरता से ध्यान दें। वहीं, धौलपुर में नवीन बोर्ड गठन के बाद आयुक्त विष्णु परमार की ओर से भी यूडी टैक्स कलेक्शन को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। गौरतलब रहे कि धौलपुर नगर परिषद की आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर है। यहां अधिकारी और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी जुगाड़ करना पड़ रहा है। वर्तमान हालातों को देखते हुए सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने भी अधिकारियों को स्पष्ट तौर निर्देश दिए कि यूडी टैक्स बकाया100 फीसदी कलेक्शन करें, जिससे परिषद की स्थिति को मजबूत किया जा सके।
मैरिज होम, होटल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को भेजे नोटिस
उधर, नगर परिषद ने कुछ दिन पहले करीब दो दर्जन व्यावयायिक संस्थानों को यूडी टैक्स बकाया राशि को लेकर नोटिस भेजे हैं। जिसमें टैक्स राशि जमा करवाने के लिए कहा है। शहर में करीब 50 से 60 मैरिज होम, होटल, रेस्टारेंट समेत अन्य व्यावसायिक संस्थान हैं। मैरिज होम पर तो 50 लाख रुपए से अधिक का यूडी टैक्स बकाया चल रहा है। इसी तरह स्टेशन रोड स्थित एक होटल पर भी करीब 14 लाख रुपए का बकाया है। आरआई ने बताया कि टैक्स जमा नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एक नामी कंपनी की आवासीय कॉलोनी पर भी करीब 20 लाख रुपए का यूडी टैक्स बकाया है। कंपनी की ओर से अधिक टैक्स लगाने की बात कही गई है। जबकि परिषद का कहना है कि टैक्स तय नियमों के अनुसार ही लिया जा रहा है। वहीं, एक फैक्ट्री पर तो टैक्स राशि भारी-भरमक है।
300 वर्गगज के भूखंड टैक्स से बाहर
राजस्थान में साल 2007-08 से पुराने हाउस टैक्स को समाप्त करके यूडी टैक्स की शुरुआत की गई थी। प्रदेश में आवासीय भूखंड या मकान जो 300 वर्गगज से छोटा है वह यूडी टैक्स दायरे से बाहर है। इसी तरह व्यावसायिक, औद्योगिक और संस्थागत में सामान्यत 100 वर्ग गज या उससे बड़े व्यावसायिक भूखंडों अथवा 900 वर्ग फीट से बड़े कमर्शियल निर्माण पर लागू होता है। इसकी गणना संपत्ति के क्षेत्रफल (वर्ग गज या वर्ग मीटर) और उस क्षेत्र की डीएलसी दर के आधार पर की जाती है।
- यूडी टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस दिए गए हैं। कई संस्थाओं ने जमा भी कराए हैं। धीरे-धीरे राजस्व बढ़ रहा है लेकिन अभी भी टैक्स बकाया है। अगर टैक्स जमा नहीं हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- रजत जैन, राजस्व अधिकारी नगर परिषद धौलपुर
Updated on:
20 Oct 2026 06:39 pm
Published on:
20 Oct 2026 06:35 pm
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