
Calcium-Vitamin D Severe Deficiency
आस्टियोपोरोसिस में हड्डियां भुरभरी होने लगती हैं और बेहद आसानी से टूटने लगमी हैं। आस्टियोपोरोसिस के एक नहीं वैसे तो कई कारण होते हैं लेकिन खानपान में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी इसका पहला कारण होता है। तो चलिए आपको आज आस्टियोपोरोसिस के कारण, लक्षण और बचाव से जुड़ी जानकारी दें।
शरीर में हड्डिया रिजेनरेट होती रहती हैं, लेकिन जब इनका डीजेनरेट होने लगता है तो बोन मास पर असर पड़ने लगता है और हड्डियों के द्रव्यमान यानी बोन मास में कमी आने की वजह से हड्डियां कमजोर और पाउडर बनकर झड़ने लगती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण
1. पीठ में दर्द होना
2. शरीर का झुका हुआ लगना
3. कमज़ोरी महसूस होना और आसानी से थक जाना
4. पीठ में किसी भी तरह का उभार वर्टिब्र (लिस्टिसिस) के फ्रैक्चर होने के कारण हो सकता है
5. समय के साथ ऊंचाई कम हुई
6. लगातार फ्रैक्चर आना
ऑस्टियोपोरोसिस के कारण
1. विटामिन डी की कमी
2. कैल्शियम की कमी
3. आनुवंशिक प्रवृतियां
4. सूर्य के प्रकाश का शरीर पर ना पड़ना
5. पर्यावरण का प्रदूषित होना
6. मीनोपॉज में महिलाओं में कम एस्ट्रोजन का स्तर
7. कैंसर ट्रीटमेंट थेरेपी
8. हाइपर्थाइरॉइडिज़म
9. चिकित्सा स्थिति या दवा: प्रेडनिसोन या कोर्टिसोन जैसी दवाएं भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
10. रूमेटाइड आर्थराइटिस
11. बिना मूवमेंट की लाइफस्टाइल
12. शराब और धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
13. बढ़ती उम्र में हड्डियों के बनने और टूटने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
14. मेनोपॉज की स्थिति में भी महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण शरीर से हड्डियां कमजोर होती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए डाइट में क्या शामिल करना चाहिए?
डेयरी उत्पाद: दूध-दही, पनीर का सेवन अधिक से अधिक करें ताकि कैल्शियम की कमी पूरी हो सके। हालांकि कोशिश करें कि लो फैट मिल्क प्रोडक्ट का यूज करें।
प्रोटीन: ओट्स, राजमा, दाल, ग्रीक योगर्ट जैसी चीज़े खाने में जरूर शामिल करें।
फल और सब्ज़ियां: ताजे फल और सब्जियां शामिल करना ना भूलें. इनमें शलजम साग, केला, ओकरा, चीनी गोभी, सरसों का साग, ब्रोकोली, पालक, आलू, शकरकंद, संतरा, स्ट्रॉबेरी, पपीता, अनानास, केले, प्रून, लाल और हरी मिर्च ले सकते हैं।
धूप का सेवन करें- विटामिन डी को नेचुरली पाने के लिए सुबह-सुबह की धूप का सेवन जरूर करें।
ऑस्टियोपोरोसिस का डायग्नोसिस
डेक्सा स्कैन
क्वांटेटिव कंप्यूटेड टोमोग्राफी
अल्ट्रासाउंड
ऑस्टियोपोरोसिस में बोन डेंसिटी टेस्ट
नोट: इस टेस्ट को 40 की उम्र के बाद से कराना शुरू कर देना चाहिए।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।
Published on:
28 May 2022, 9:39 AM IST
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