30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Lungs Problem: इस विटामिन की अधिकता लंग्स को कर सकती है खराब, फेफड़े के कैंसर तक का होता है खतरा

Lung Cancer reason: कोरोना संक्रमण के बाद से लोगों में लंग्स की समस्याएं बढ़ी हैं। वहीं, फेफड़े से जुड़ी अन्य बीमारियां पहले से ही है। अब इसमें एक विटामिन की अधिकता भी लंग्स कैंसर के लिए जिम्मेदार मानी जा रही है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Ritu Singh

•

Updated: 28 May 2022, 8:28 AM IST

food_keeps_clean_lungs_healthy_naturally_phlegm-cough_expelling_tips.jpg

food keeps clean lungs healthy naturally phlegm cough expelling tips

अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के बढ़ते जोखिम के लिए विटामिन ए के तीन सप्लीमेंट्स का लंबे समय तक इस्तेमाल भी जिम्मेदार होता है। विटामिन ए में समाहित तीन तरह के तत्व जब सप्लीमेंट के जरिए शरीर में अधिक मात्रा में पहुंचने लगते हैं तो इसका सीधा असर लंग्स पर ही आता है।

विटामिन ए से जुड़े तीन कंपाउंड से लंग्स को खतरा
बीटा कैरोटीन एक डायटरी कंपाउंड है और विटामिन ए का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है। रेटिनॉल विटामिन ए का एक और व्युत्पन्न है और ल्यूटिन एक प्रकार का कार्बनिक वर्णक है जिसे कैरोटेनॉयड कहा जाता है। यह बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए से संबंधित होता है।
नेचुरल चीजों से विटामिन ए लेना ठीक, लेकिन सप्लीमेंट से दिक्कत बढ़ती है
ये सारी ही चीजें नेचुरली फूड से भी मिलती हैं, लेकिन जब इनके सप्लीमेंट का लंबे समय तक यूज किया जाता है तो इससे फेफड़ों में दिक्कत शुरू हो जाती है। वाशिंगटन राज्य में वीटामिन्स एंड लाइफस्टाइल (वीआईटीएएल) कोहोर्ट स्टडी विटामिन ए के दुरुपयोग से लंग्स कैंसर की संभावना की बात सामने आई है।

फेफड़ों के कैंसर के लक्षण
लंबे वक्त तक खांसी का रहना
छाती में दर्द
सांस लेने में कठिनाई
खाँसी में खून आना
हर समय बहुत थकान महसूस करना
बिना किसी कारण के वजन कम होना
भूख न लगना
आवाज का बैठना

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल