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Restless Legs Syndrome: अच्छी नहीं है पैर हिलाने की आदत, हो सकती है ये बीमारी

Restless Legs Syndrome: आपको अगर बैठे-बैठे पांव हिलाने की आदत है तो यह दिमाग के लिए नकारात्मक हो सकती है। इसे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें लोगों को पांव हिलाने की तीव्र इच्छा होती है, खासकर रात में...
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जयपुर

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Yuvraj Singh Jadon

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Updated: 6 Mar 2020, 5:40 PM IST

Restless Legs Syndrome: Causes, Symptoms and Treatment

Restless Legs Syndrome: अच्छी नहीं है पैर हिलाने की आदत, हो सकती है ये बीमारी

Restless Legs Syndrome In Hindi: आपको अगर बैठे-बैठे पांव हिलाने की आदत है तो यह दिमाग के लिए नकारात्मक हो सकती है। इसे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें लोगों को पांव हिलाने की तीव्र इच्छा होती है, खासकर रात में।

ऑस्ट्रेलिया के न्यूरोसाइंस रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि यह डिसऑर्डर दिमाग के उस हिस्से के काम करने की क्षमता घटा देता है, जो हमारी गतिविधियों पर नियंत्रण करते हैं। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने लोगों की उम्र, वजन, ब्लड प्रेशर, धूम्रपान की आदत, तनाव और चिड़चिड़ेपन का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि पैर हिलाने की आदत की वजह से ऐसे लोगों में हृदय रोग होने की आशंका दोगुनी हो जाती है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के कारण
अक्सर, आरएलएस के लिए कोई ज्ञात कारण नहीं है। शोधकर्ताओं को संदेह है कि यह हालत मस्तिष्क रासायनिक डोपामाइन के असंतुलन के कारण हो सकती है, जो मांसपेशियों की गति को नियंत्रित करने के लिए संदेश भेजती है।

वंशानुगत
कभी-कभी आरएलएस वंशानुगत होता है, खासकर अगर यह 40 साल की उम्र से पहले शुरू होती है। शोधकर्ताओं ने क्रोमोसोम पर उन स्थानों की पहचान की है जहां आरएलएस के लिए जीन मौजूद हो सकते हैं।

गर्भावस्था
गर्भावस्था या हार्मोनल परिवर्तन RLS संकेत और लक्षणों को अस्थायी रूप से खराब कर सकते हैं। कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पहली बार आरएलएस की समस्या देखने का मिलती है। खासकर उनके अंतिम तिमाही के दौरान। हालांकि, लक्षण आमतौर पर प्रसव के बाद गायब हो जाते हैं।

Restless Legs Syndrome का इलाज
आयरन की कमी भी आरएलएस का कारण हो सकती है। ऐसे में आयरन युक्त आहार और सप्लीमेंट के जरिए इलाज किया जा सकता है। आयरन के अलावा अन्य कारण होने पर जीवनशैली में बदलाव से इसे ठीक किया जा सकता है। ज्यादा समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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