
एक आंकड़े के अनुसार करीब 60 फीसदी आबादी को बवासीर जीवन में कभी न कभी होती है। यह मलाशय के निचले हिस्से में सूजन व मस्सा बनने से होती है। इसमें दर्द बहुत होता है। इसके दो प्रकार हैं, पहला बादी व दूसरा खूनी। बादी में खून नहीं आता है लेकिन खुजली, जलन व सूजन रहती है।
संभावित लक्षण: गुदा के आसपास कठोर गांठें महसूस होना, मल के साथ खून आना, शौच के बाद भी पेट साफ न होने का अहसास, शौच के समय दर्द, वहां खुजली, एवं लालीपन, और बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, लेकिन त्यागते समय मल न निकलना आदि।
कारण : जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते या बैठकर देरी तक काम करते हैं। कब्ज की समस्या बनी रहना, तनाव, फाइबर डाइट कम लेना, ज्यादा मिर्च-मसालेदार खाना, नशा करना और फिजिकली एक्टिव नहीं रहना है।
कुछ आसान उपाय
कब्ज की समस्या न हो इसके लिए एलोवेरा पल्प और भिगोया अंजीर भी खा सकते हैं। एक चम्मच सेब का सिरका एक गिलास पानी में रोज लें। मस्सों पर जैतून का तेल लगाएं। छाछ में अजवायन और काला नमक मिलाकर लें।
Updated on:
24 Sep 2023, 1:51 PM IST
Published on:
24 Sep 2023, 1:50 PM IST
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