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एशिया, यूरोप और अफ्रीकी देशों में हृदय संबंधी बीमारियों के कारण मौत का खतरा सबसे ज्यादा

नया शोध : दुनियाभर में 32 साल में 74 लाख बढ़ गए मौत के मामले
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नई दिल्ली

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ANUJ SHARMA

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Updated: 14 Dec 2023, 12:25 AM IST

एशिया, यूरोप और अफ्रीकी देशों में हृदय संबंधी बीमारियों के कारण मौत का खतरा सबसे ज्यादा

एशिया, यूरोप और अफ्रीकी देशों में हृदय संबंधी बीमारियों के कारण मौत का खतरा सबसे ज्यादा

वॉशिंगटन. एक नए शोध के मुताबिक एशिया, यूरोप और अफ्रीका के देशों में हृदय संबंधी बीमारियों के कारण मौत का खतरा सबसे ज्यादा होने का अनुमान है। उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, आहार संबंधी जोखिम और वायु प्रदूषण इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं।शोधकर्ताओं ने 21 क्षेत्रों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद पाया कि हृदय रोगों के कारण वैश्विक स्तर पर मौत के मामले 1990 के 1.24 करोड़ से बढक़र 2022 में 1.98 करोड़ हो गए। यानी 32 साल में मौत के मामले 74 लाख बढ़ गए। ये इस प्रकार की बीमारियों की उच्च दर को दर्शाते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ और वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आइएचएमई) के शोधकर्ताओं का कहना है कि ये आंकड़े वैश्विक जनसंख्या वृद्धि और उम्र बढऩे तथा रोके जा सकने वाले चयापचय, पर्यावरण, व्यवहार संबंधी जोखिमों को भी दर्शाते हैं।

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मृत्यु दर

शोधकर्ताओं के मुताबिक प्रति एक लाख लोगों पर उच्च रक्तचाप के कारण सबसे ज्यादा मृत्यु दर मध्य एशिया, पूर्वी यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के क्षेत्रों में पाई गई। आहार संबंधी जोखिम के कारण हृदय रोग की दर मध्य एशिया, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में सबसे ज्यादा पाई गई।

उठाए जाएं कदम

अमरीका के नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (एनएचएलबीआइ) के निदेशक और शोध के लेखक जॉर्ज ए. मेन्सा का कहना है कि इस शोध के आधार पर स्थानीय रूप से प्रासंगिक डेटा का उपयोग कर हृदय को स्वस्थ रखने के कदम उठाए जा सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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