
पी चिदंबरम ने पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार पर एक बार फिर साधा निशाना
नर्इ दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज (सोमवार) केन्द्र सरकार को आर्थिक मोर्चे को लेकर एक बार फिर निशाने पर लिया। चिदंबरम ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को जीएसटी के अंतर्गत लाने को लेकर आज एक बार फिर केन्द्र सरकार की लताड़ लगार्इ। चिदंबरम ने कहा, यदि अाप पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाते हैं तो खुद ही इनके दाम में कमी आ जाएगी। बीजेपी की केन्द्र के साथ-साथ अधिकतर राज्यों में सरकार है लेकिन फिर भी वो राज्यों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनके पास बहुमत है अौर उन्हें पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाना चाहिए। उन्होने आगे कहा कि, लोगों में तेल की कीमतों को लेकर काफी गुस्सा है। एेसा कोर्इ कारण नहीं है कि मर्इ-जून 2014 की तुलना में आज पेट्रोल-डीजल की दाम अधिक हों। ये आैर कुछ नहीं बल्कि असहाय ग्राहकाें के साथ खिलवाड़ है।
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रोजगार के मोर्चे पर भी उठाया सवाल
इसके साथ ही इस कांग्रेस नेता ने रोजगार के मोर्चे पर भी केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आखिर क्यों अक्टूबर-दिसंबर 2017 का लेबर ब्यूरो सर्वे अभी तक जारी नहीं किया गया है। लेबर ब्यूरो के आंकड़ों से ये बात सामने आ जाता कि अभी तक केवल कुछ हजार नौकरियों ही पैदा हो पार्इं हैं। बीजेपी ने अपने अच्छे दिन के जुमले के तहत दो करोड़ नौकरियां प्रति वर्ष देने का वादा किया था। अभी तक इसका एक चौथार्इ लक्ष्य भी हासिल नहीं हो पाया है।
जीएसटी आैर नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी
इस वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सरकार के आर्थिक संकेतकों को लेकर खराब प्रदर्शन पर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा की मुद्रास्फीति तेजी के तरफ अग्रसर है रेपो रेट में बढ़ोतरी इस बात का सबूत हैं। खामियों के साथ जीएसटी को लागू करने आैर नोटबंदी के वजह से अर्थव्यवस्था धीमा हुआ है।
Published on:
11 Jun 2018 01:33 pm
