कोविड 19 की दूसरी लहर के बीच एक हफ्ते में दोगुनी रफ्तार से बढ़ी बेरोजगारी

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों से पता चलता है कि 16 मई को समाप्त सप्ताह में ग्रामीण बेरोजगारी बढ़कर 14.34 फीसदी हो गई, जो 9 मई को समाप्त सप्ताह में 7.29 फीसदी थी। जिसकी वजह से ग्रामीण बेरोजगारी 50-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर है।

By: Saurabh Sharma

Updated: 19 May 2021, 02:11 PM IST

नई दिल्ली। कोविड 19 की दूसरी लहर के प्रकोप के कारण एक सप्ताह में ग्रामीण बेरोजगारी लगभग दोगुनी हो गई है क्योंकि गांवों में तालाबंदी और बढ़ते कोविड संक्रमण ने आर्थिक गतिविधियों को रोक दिया है। खेती में सुस्ती बेरोजगारी को बढ़ा रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों से पता चलता है कि 16 मई को समाप्त सप्ताह में ग्रामीण बेरोजगारी बढ़कर 14.34 फीसदी हो गई, जो 9 मई को समाप्त सप्ताह में 7.29 फीसदी थी। जिसकी वजह से ग्रामीण बेरोजगारी 50-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर है।

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शहरी बेरोजगारी में भी इजाफा
अगर बात शहरी बेरोजगारी की करें तो एक सप्ताह पहले की तुलना में तीन फीसदी अधिक बढ़कर 14.71 फीसदी हो गई है। वहीं राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 8.67 फीसदी से बढ़कर 14.45 फीसदी हो गई, जो दूसरी कोविड लहर के बीच नौकरियों के संकट को उजागर करती है। जानकारों की मानें तो आने वाले सप्ताहों में राष्ट्रीय बेरोजगारी की दर में और ज्यादा इजाफा देखने को मिल सकता है। जनवरी से लेकर अप्रैल के बीच में 1 करोड़ लोग बेरोजगार हो चुके हैं।

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यह आंकड़े भी सामने आए
सीएमआईई के अनुसार, रोजगार दर और श्रम बल भागीदारी दर में काफी कमी आई है। अखिल भारतीय स्तर पर रोजगार की दर 16 मई को समाप्त सप्ताह में गिरकर 34.67 प्रतिशत हो गई, जो एक सप्ताह पहले 37.72 प्रतिशत थी। इस दौरान ग्रामीण रोजगार दर 39.84 फीसदी से घटकर 36.26 फीसदी रह गई है। जानकारों की मानें तो फसल के मौसम और मानसून तक बुवाई के बीच का अंतर, कृषि क्षेत्र में अवशोषण कम होगा।

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आखिर क्यों बढ़ी गांवों में बेरोजगारी
अर्थशास्त्रियों ने कहा कि उच्च संक्रमण दर और शहरी समूहों में तालाबंदी के कारण रोजगार के अवसरों की कमी ने लोगों को अपने गांवों के लिए छोडऩे के लिए मजबूर किया। लेकिन ग्रामीण इलाकों में आय के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। इसके अलावा, ग्रामीण तालाबंदी और कफ्र्यू ने औपचारिक और अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों में लोगों को बेरोजगार कर दिया है, और मई में कृषि गतिविधि में कमी बेरोजगारी को बढ़ा रही है।

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