
Raj Gaurav Tiwari (Image- ChatGPT)
Life in an IIT: आईआईटी में पढ़ाई करना देश के लाखों युवाओं का सपना होता है। लेकिन वहां पहुंचने के बाद की असल जिंदगी कैसी होती है, यह जानना भी उतना ही दिलचस्प है। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले और आईआईटी गुवाहाटी में केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के थर्ड ईयर के स्टूडेंट राज गौरव तिवारी ने अपना यह एक्सपीरियंस साझा किया है। राज ने अपनी जेईई की तैयारी से लेकर हॉस्टल की जिंदगी और कैंपस के अनुभवों पर खुलकर बात की।
राज बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गणित और विज्ञान में गहरी रुचि थी। उन्हें चीजों को रटने के बजाय उनके कॉन्सेप्ट समझना ज्यादा पसंद था। इसी सोच ने उन्हें इंजीनियरिंग की तरफ मोड़ा। उनके पिता एक सिविल इंजीनियर हैं और उनकी मां एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। राज कहते हैं कि, उनकी इस सफलता में उनके पेरेंट्स के डिसिप्लिन और सपोर्ट का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
साल 2023 में राज ने जेईई मेन और जेईई एडवांस दोनों परीक्षाएं दीं। जेईई मेन में उनकी रैंक 12900 और एडवांस में 7393 थी। मेन के नतीजों के बाद उन्हें लगा कि वे और बेहतर कर सकते हैं इसलिए उन्होंने एडवांस के लिए अपनी तैयारी और तेज कर दी। कोचिंग के साथ-साथ उन्होंने टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई की और हर दिन मॉक टेस्ट दिए। खेलकूद और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने टाइम मैनेजमेंट करना सीख लिया।
जब ब्रांच चुनने की बारी आई तो राज ने भीड़ के पीछे भागने के बजाय अपनी पसंद को चुना। उन्हें क्वांटम और फिजिकल केमिस्ट्री में बहुत इंटरेस्ट था इसलिए उन्होंने केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी ब्रांच को चुना। राज का मानना है कि, इस फील्ड में विज्ञान और तकनीक का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है।
जुलाई 2023 में आईआईटी गुवाहाटी पहुंचने के बाद शुरुआत में राज को थोड़ी परेशानी हुई क्योंकि वे पहली बार घर से दूर रह रहे थे। लेकिन जल्द ही वे वहां के माहौल में ढल गए। राज अभी कैंपस के टेक्निकल बोर्ड के ऑपरेशंस मैनेजर और एयरोमॉडलिंग क्लब के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। उन्होंने इंटर आईआईटी टेक मीट में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है।
राज कहते हैं कि आईआईटी में कोई भी चीज आपको आसानी से या अपने आप नहीं मिलती। यहां आपको अपनी राह खुद बनानी पड़ती है। पढ़ाई और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के बीच सही तालमेल बनाना ही यहां सबसे बड़ा मंत्र है। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए राज ने बताया कि वे बीटेक के बाद कुछ साल इंडस्ट्री में काम करके एक्सपीरियंस हासिल करना चाहते हैं और उसके बाद उच्च शिक्षा या अपना स्टार्टअप शुरू करने पर विचार करेंगे।
Published on:
10 May 2026 02:06 pm
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