Rajasthan शिक्षा विभाग और निर्वाचन विभाग को सिर्फ चुनाव की चिन्ता है, बच्चों के भविष्य की नहीं। तभी तो 40 प्रतिशत शिक्षकों को विधानसभा चुनाव सम्बन्धी कार्य में लगा दिया गया है। कई स्कूलों में तो एक भी टीचर नहीं छोड़ा, सभी को बीएलओ या सुपरवाइजर बना दिया। ऐसे में पूरा स्कूल खाली होने से बच्चे पसोपेश में हैं कि उन्हें पढ़ाएगा कौन? मई से शुरू हुए सिलसिले के तहत बीएलओ के तौर पर शिक्षक घर-घर सर्वे कर रहे हैं। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल शुरू हुए तो बच्चे नियमित आ रहे हैं लेकिन शिक्षकों को चुनाव कार्य में व्यस्त कर दिया गया है। शिक्षा विभाग से करीब 40 फीसदी शिक्षकों को चुनाव कार्य में लगाया हुआ है। तृतीय श्रेणी शिक्षकों से लेकर व्याख्याता तक हर श्रेणी के शिक्षकों को बीएलओ या सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है।