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UP Assembly Elections 2022: बनारस में नहीं थम रहा कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन

UP Assembly Elections 2022: प्रत्याशी घोषणा के बाद से शुरू कांग्रेस का घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। खास तौर पर शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों को लेकर दावेदारों ने घोषित प्रत्याशियों और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इन दावेदारों में से एक रेखा शर्मा को मनाने की पूरी कोशिश पार्टी के कैंट विधानसभा क्षेत्र प्रभारी ने भी की। लेकिन बात नहीं बनी। उधर एक अन्य दावेदार भी प्रत्याशी घोषणा पर पुनर्विचार की मांग की है।
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वाराणसी

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Ajay Chaturvedi

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Updated: 12 Feb 2022, 11:44 AM IST

प्रत्याशी चयन का विरोध करते समर्थक

UP Assembly Elections 2022: बनारस में नहीं थम रहा कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन

वाराणसी. UP Assembly Elections 2022 के लिए कांग्रेस के वाराणसी की सभी सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन जारी है। पार्टी के आला पदाधिकारियों के मान मन्नौवल के बाद भी पार्टी के नेता और दावेदार अपनी मांग पर डटे हैं। इस बीच घोषित प्रत्याशी के स्वास्थ्यगत कारणों से चुनाव न लड़ने संबंधी के एक पत्र भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लेकिन बाद में पार्टी के महानगर अध्यक्ष ने उसे फर्जी करार दिया। वहीं एक अन्य पुराने कांग्रेसी ने नेतृत्व से टिकट वितरण पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

बता दें कि दो दिन पहले ही कांग्रेस ने वाराणसी की छह विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किया। दो प्रत्याशियों के नाम की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। लेकिन दो दिन पहले जो सूची प्रत्याशियों की जारी हुई उसे लेकर पार्टी में विरोध शुरू हो गया। कैंट विधानसभा सीट की प्रबल दावेदार, रामनगर पालिका परिषद की चेयरमैन रेखा शर्मा ने समर्थकों संग पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही शहर दक्षिणी और शहर उत्तरी के प्रत्याशियों का भी विरोध शुरू हो गया। शहर दक्षिणी के एक दावेदार के समर्थन में कुछ समर्थक सड़कों पर उतरे और प्रत्याशी बदलने की मांग की।

उधर शहर दक्षिणी के प्रत्याशी को बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर पार्टीजन अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। लोगों में गुस्सा ज्यादा है। इस बीच शुक्रवार को ये बताया गया कि पार्टी नेतृत्व ने वाराणसी कांग्रेस के इस विरोध को शांत कराने के लिए चर्चा शुरू कर दी है। लेकिन शुक्रवार देर शाम तक नेतृत्व की ओर से किसी तरह का संकेत नहीं मिला।

अलबत्ता कैंट विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के विधायक सत्यनारायाण शर्मा रामनगर गए। लेकिन यहां पहुंचते ही रेखा शर्मा समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि विरोध करने वाले शांत हुए तो प्रभारी और रेखा शर्मा के बीच लंबी वार्ता हुई। उन्होंने रेखा शर्मा को समझाने की पूरी कोशिश की पर बात नहीं बनी। रेखा अपने स्टैंड पर अब भी कायम हैं। रेखा शर्मा ने दो टूक कहा कि प्रत्याशियों की सूची जारी होने से एक दिन पहले तक जो नाम सबसे आगे चल रहा था उसे हटा कर एक ऐसे नेता को टिकट दे दिया गया जिसने कैंट विधानसभा सीट से दावा भी पेश नहीं किया था। रेखा शर्मा ने इसे अपना अपमान बताया। सत्यनारायण शर्मा ने नाराज कांग्रेस नेत्री को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने का प्रलोभन भी दिया लेकिन उसका भी कोई असर नहीं पड़ा। रेखा शर्मा ने साफ किया कि टिकट नहीं मिला तो पार्टी छोड़ना तय है।

इस बीच एक अन्य कांग्रेस नेता प्रो अनिल उपाध्याय ने भी पार्टी नेतृत्व से घोषित प्रत्याशियों को बदलने की मांग की। उन्होंने भी कहा जिसने किसी क्षेत्र से अपनी दावेदारी तक पेश नहीं की उसे टिकट दिया जाना उचित नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि कैंट विधानसभा क्षेत्र से जिस डॉ राजेश मिश्र को उतारा गया है वो पिछले विधानसभा चुनाव में शहर दक्षिणी और लोकसभा चुनाव में सलेमपुर से हार चुके हैं।