
Rajasthan Chunav 2023 : सभी लोग अपने अपने ईष्टदेव की पूजा-अर्चना कर ही शुभ काम शुरू करते हैं। नवरात्र स्थापना के साथ ही दावेदार अपने-अपने ईष्ट देव के धोक लगा रहे हैं और अपनी मनोकामना की अर्जी लगा रहे हैं। हाड़ौती में अधिकांश प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र भरने व प्रचार शुरू करने से पहले मंदिरों में पहुंचकर अर्जी लगाते हैं और फिर ही नामांकन पत्र भरने जाते हैं। प्रत्याशी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से रैली में रूप में सर्किट हाउस पहुंचते है और यहां गणेशजी की पूजा-अर्चना कर नामांकन भरने जाते हैं। गोदावरी धाम के पुजारी ने बताया कि प्रत्याशी हनुमानजी की पूजा-अर्चना कर नामांकन पत्र की भी पूजा करवाते है, उसके बाद नामांकन भरने जाते हैँ।
वीआईपी सर्किट हाउस गणेश मंदिर
कोटा में वीआईपी गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध प्राचीन सर्किट हाउस गणेश मंदिर का निर्माण महाराव उम्मेद सिंह द्वितीय ने करवाया था। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, भवानी सिंह राजावत नामांकन भरने से पहले यहां धोक लगाने आते हैं।
खड़े गणेशजी मंदिर
नामांकन भरने से पहले हीरालाल नागर, राखी गौतम, रामगोपाल बैरवा, पंकज मेहता, शिवकांत नन्दवाना, मदन दिलावर सहित अन्य प्रत्याशी हाजिरी लगाने जरूर आते हैं।
गोदावरी धाम
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हर चुनाव में प्रत्याशी घोषित होने तथा नामांकन भरने से पहले यहां धोक लगाने जाते हैं। बिरला लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार कोटा आने पर ही सीधे गोदावरी धाम जाकर धोक लगाई थी। विधायक संदीप शर्मा भी नामांकन भरने से पहले यहां पूजा-अर्चना करने जाते हैं।
झालावाड़
झालावाड़ जिले में राड़ी का बालाजी मंदिर, कामखेड़ा हनुमान जी मंदिर, बाडिया में रातादेवी मंदिर, रामकुंड बालाजी मंदिर है, जहां प्रत्याशियों और मतदाताओं की गहरी आस्था है।
बूंदी
बूंदी में प्रत्याशी मुख्य रूप से मांधाता बालाजी मंदिर, रामेश्वर महादेव मंदिर, भगवान केशवराय मंदिर में दर्शन करने के बाद नामांकन दाखिल करने जाते हैं।
बारां
ज्यादातार उम्मीदवार बारां शहर के आराध्य भगवान कल्याणरायजी (श्रीजी), बड़ां के बालाजी व शाहाबाद के नगर कोट माता मंदिर में दर्शन नामांकन पत्र दाखिल करते हैं।
Published on:
30 Oct 2023 11:49 am
बड़ी खबरें
View Allचुनाव
ट्रेंडिंग
