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Rajasthan Election Story : हरी झंडी मिली, बांछे खिलीं, लेकिन वापस लेना पड़ा नामांकन पत्र

Rajasthan Election Story : Rajasthan Election Story : यह बात 1998 में हुए विधानसभा चुनाव की है। तब भारतीय जनता पार्टी ने बारां विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ नेता प्रेमनारायण गालव को चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी थी।
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बारां

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Kirti Verma

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Updated: 31 Oct 2023, 11:58 AM IST

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Rajasthan Election Story : यह बात 1998 में हुए विधानसभा चुनाव की है। तब भारतीय जनता पार्टी ने बारां विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ नेता प्रेमनारायण गालव को चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी थी। गालव ने भाजपा नेताओं के साथ जुलूस निकाल नामांकन पत्र भी दाखिल कर प्रचार शुरू कर दिया था, लेकिन बाद में पार्टी ने यहां से सोहनलाल गुप्ता को उम्मीदवार घोषित कर सिम्बल सौंप दिया था। इसका काफी विरोध हुआ। इसके बाद नाम वापस लेने की अन्तिम तारीख के पहले की रात वरिष्ठ नेता भैरोंसिंह शेखावत ने ललित किशोर चतुर्वेदी को बारां भेजा था।

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चतुर्वेदी ने पूरी रात पार्टी नेताओं से मंत्रणा कर गालव को मनाने के जतन किए थे। गालव के समर्थकों के अड़ने से पहले तो विवाद गहरा गया, लेकिन इसके बाद निर्धारित समय से कुछ मिनट पूर्व खुद गालव ने चुनिंदा साथियों के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंच नामजदगी का पर्चा वापस ले लिया। उनकी इस निष्ठा से पार्टी कार्यकर्ताओं में उनका कद और भी बढ़ा हो गया, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो इस क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार शिवनारायण नागर विजयी रहे थे।

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