
UP Assembly Elections 2022 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर मुजफ्फरनगर समेत 11 जिलों की 58 सीटों पर प्रथम चरण में मतदान होना है। मतदान तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे तमाम राजनीतिक दलों के प्रचार अभियान में काफी तेजी आ गई है। जहां अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) की जोड़ी पश्चिम उत्तर प्रदेश में जबरदस्त चुनावी अभियान चलाए हुए हैं तो वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी लगातार डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं। कृषि कानून को लेकर 13 महीने तक चले किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा असर वेस्ट यूपी में देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार प्रचार कर मतदाताओं की नब्ज टटोलने का प्रयास कर रहे हैं।
कैराना के बाद शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुजफ्फरनगर पहुंचे। जहां उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वह भोपा रोड स्थित एक बैंकट हॉल में पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि यही मुजफ्फरनगर है, जिसने उत्तर प्रदेश में बीजेपी की प्रचंड जीत की नींव रखने की शुरुआत की थी और विपक्ष को धूल चटाई थी। दंगा की पीड़ा को जिलेवासी अभी तक भूले नहीं हैं। उस समय की सरकार के दौरान पीड़ितों को आरोपी और आरोपियों को पीड़ित बना दिया गया था। मैं मुजफ्फरनगर से सहारनपुर तक के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या आप सब दंगों को भूल गए हैं? अगर नहीं तो वोट देने में गलती मत करना, नहीं तो मुजफ्फरनगर फिर से जल उठेगा।
सारे गुंडे-माफिया बाउंड्री पार चले गए
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में गुंडे, माफियाओं ने प्रदेश को अपने कब्जे में ले रखा था। हर तरफ लोग असुरक्षित थे, लेकिन जबसे भाजपा की सरकार बनी है, प्रदेश के सारे गुंडे, माफिया बाउंड्री पार चले गए हैं। कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद गृहमंत्री मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर पहुंचे। जहां भारी भीड़ के दौरान उनका स्वागत किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और मुजफ्फरनगर से प्रत्याशी कपिल देव अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
अमित शाह का कार्यक्रम अचानक हुआ रद्द
कुछ ही दूर पैदल चलने के बाद अमित शाह गाड़ी में सवार हुए। जहां उन्हें पैदल प्रचार करना था, वहां गाड़ी में बैठ शीशा बंद कर लगभग 500 मीटर तक भगत सिंह रोड पर गए। उनके दाल मंडी में डोर-टू-डोर प्रचार करने का कार्यक्रम था, मगर दाल मंडी में भीड़ को देखते हुए और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अमित शाह ने डोर-टू-डोर नहीं किया। इस दौरान दालमंडी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। दाल मंडी के व्यापारी सुबह से ही अमित शाह का इंतजार करते रहे, मगर अचानक उनका कार्यक्रम का रद्द होने के बाद व्यापारियों में मायूसी देखने को मिली।
Published on:
29 Jan 2022 03:39 pm
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