देवोलीना भट्टाचार्जी ने नेहा बोरा पर स्याही फेंकने पर दिया रिएक्शन ( फोटो सोर्स- ANI)
Jharkhand Student Protest: झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद को लेकर टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री ने प्रदर्शन के तरीके और इसे राजनीतिक नजरिए से देखने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर छात्र आंदोलन को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों का भी जिक्र किया।
दरअसल, झारखंड में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और झारखंड की राज्य अध्यक्ष विभा पुष्प दीप पर कथित तौर पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई। पुलिस ने मामले में अमरनाथ पांडे नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच देवोलीना भट्टाचार्जी ने एक्स पर पोस्ट कर अपनी बात रखी। अभिनेत्री ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और NEET जैसे मुद्दों से अलग किसी भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री या उनकी दिवंगत मां के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
देवोलीना ने अपने पोस्ट में झारखंड के प्रदर्शन को दूसरे राजनीतिक प्रदर्शनों से अलग बताया। उनका कहना था कि हर आंदोलन के पीछे किसी राजनीतिक एजेंडे को तलाशना सही नहीं है। अभिनेत्री ने खास तौर पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों की परिस्थितियों का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र बारिश के बीच भी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और भूख हड़ताल कर रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने लोगों से इस आंदोलन को उसके मुद्दों और छात्रों की स्थिति के संदर्भ में देखने की अपील की।
रांची में हुए विधानसभा मार्च के दौरान कथित तौर पर कुछ लोग जुलूस में शामिल हुए और AISA नेताओं के साथ अभद्रता करते हुए उन पर स्याही फेंकी। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर एक युवक को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान अमरनाथ पांडे के रूप में हुई और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।
घटना के बाद इंकलाबी नौजवान सभा यानी RYA की ओर से भी इसकी निंदा की गई। संगठन ने इसे छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि राजनीतिक या वैचारिक असहमति का समाधान हिंसा या हमले के बजाय बातचीत और लोकतांत्रिक बहस के जरिए होना चाहिए।
फिलहाल, देवोलीना भट्टाचार्जी के बयान के बाद झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई है। अभिनेत्री के इस रिएक्शन ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि छात्रों के आंदोलनों को उनके वास्तविक मुद्दों के आधार पर देखा जाना चाहिए या उन्हें राजनीतिक नजरिए से भी परखा जाना चाहिए।
Updated on:
09 Aug 2026 10:58 am
Published on:
09 Aug 2026 10:58 am
