
जावेद अख्तर (फोटो सोर्स- X/ANI)
Javed Akhtar On Pakistani President Zardari: मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर एक बार फिर भारत-पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे पर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की ओर से हिंदू अल्पसंख्यकों को लेकर दिए गए एक बयान पर जावेद अख्तर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना करने वाले कुछ यूजर्स को भी उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया।
दरअसल, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 14 अगस्त को पाकिस्तान में हिंदू आबादी और भारत-पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर अपनी बात रखी थी। उनके बयान में पाकिस्तान की हिंदू आबादी का जिक्र करते हुए ऐसी भाषा इस्तेमाल की गई, जिस पर जावेद अख्तर ने आपत्ति जताई।
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए जरदारी के बयान को संवेदनहीन बताया। उन्होंने अपने जवाब में जरदारी के पुराने चर्चित उपनाम ‘मिस्टर टेन परसेंट’ का भी जिक्र किया। यह उपनाम जरदारी पर लगे कथित भ्रष्टाचार और कमीशन संबंधी आरोपों से जुड़ा रहा है। हालांकि जरदारी इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
जावेद अख्तर ने जरदारी के बयान में इस्तेमाल किए गए प्रतिशत के संदर्भ को पकड़ते हुए उनके पुराने उपनाम पर तंज कसा। जरदारी को 1980 और 1990 के दशक में ‘मिस्टर टेन परसेंट’ कहा जाता था। यह नाम उन आरोपों के बाद चर्चा में आया था, जिनमें सरकारी ठेकों और कारोबारी सौदों में कथित कमीशन की बात कही जाती थी।
जावेद अख्तर ने इसी पुराने संदर्भ को अपने जवाब में इस्तेमाल करते हुए जरदारी पर व्यंग्य किया। इससे उनका पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।
जावेद अख्तर की टिप्पणी के बाद कुछ यूजर्स ने उनसे भारत में अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर भी सवाल पूछे। एक यूजर ने उन पर आरोप लगाया कि वह भारत के गैर-हिंदू समुदायों के लिए आवाज नहीं उठाते और पाकिस्तान पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें अपने देश के मुद्दों को देखना चाहिए।
इस टिप्पणी पर जावेद अख्तर ने भी जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाले की टिप्पणी से ही ये साफ हो गया कि वो उनके बारे में कितना कम जानता है। साथ ही उन्होंने यूजर की भाषा और टिप्पणी के स्तर पर भी निशाना साधा। इसके अलावा एक और यूजर के सवाल पर जावेद अख्तर ने कहा, 'वाह!! आपके कायद-ए-आजम ने सही या गलत, यह मान लिया था कि विभाजित भारत में मुसलमान सुरक्षित स्थिति में नहीं रहेंगे। इसके बावजूद उन्होंने भारत के विभाजन पर जोर दिया। भारतीय मुसलमानों का जिन्ना से बड़ा दुश्मन और कौन हो सकता है?'
जावेद अख्तर इससे पहले भी भारत-पाकिस्तान संबंधों और पाकिस्तान की राजनीति को लेकर अपने विचार खुलकर रखते रहे हैं। 2023 में लाहौर के फैज फेस्टिवल के दौरान उन्होंने भारत के विभाजन को लेकर अपनी राय जाहिर की थी। उनके बयान के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों जगह इस पर काफी चर्चा हुई थी।
वहीं, 2025 में मुंबई में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने पाकिस्तान को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की थी। उनके ऐसे बयानों के कारण वह अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा और विवाद का हिस्सा बन जाते हैं।
फिलहाल आसिफ अली जरदारी के बयान पर जावेद अख्तर की प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। जहां कुछ लोग उनके बेबाक अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स उनके बयान से असहमति भी जता रहे हैं।
Updated on:
17 Aug 2026 11:48 am
Published on:
17 Aug 2026 11:48 am
