
विशाल ददलानी ने पीएम मोदी की दिमागी नक्सल टिप्पणी पर की बात (Photo Source- Instagram/vishadadlani/PTI)
Vishal Dadlani On Narendra Modi Dimagi Naxals: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया। जिसमें उनकी 'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी ने राजनीतिक घमासान खड़ा कर दिया है। जहां विपक्ष उन्हें घेर रहा है और सवाल कर रहा है वहीं, अब प्रकाश राज के बाद फिल्म निर्माता- निर्देशक विशाल ददलानी भी आक्रोश में आ गए हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देकर पीएम मोदी पर तंज कसा है।
15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि देश में हथियारबंद नक्सलवाद पर काफी हद तक विजय प्राप्त कर ली गई है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसे लोग जो माओवादी विचारधारा का समर्थन करते हैं, वह सिस्टम में घुसपैठ कर नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।
पीएम ने कहा था, "सालों तक, माओवादी सोच वाले लोगों ने सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी। सरकारी कमेटियों में सलाहकार के रुप में नीतियो ने माओवादी सोच को प्रभावित किया था। यह अब समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति-भांति के दाव चल रहे हैं। हिंसा और अराजकता के वो रास्ते खोज रहे हैं।"
पीएम मोदी की इस टिप्पणी के बाद विशाल ददलानी ने एक वीडियो शेयर किया और कहा, "जय हिंद इंडिया। हैप्पी इंडिपेंडेंस डे। मैंने सुना आप लोग जो सवाल करते हो वो दिमागी नक्सल हो। मुबारक हो आपको यार। यही इंडिपेंडेंस है। जब कुर्सियां कांपने लगे ना उसी को आजादी कहते हैं। जय हिंद स्टे स्ट्रांग।"
जैसे ही विशाल ददलानी का वीडियो सामने आया सोशल मीडिया पर छा गया। इसे काफी पसंद किया जा रहा है और लोग उनकी इस बात से सहमति भी जता रहे हैं कि सवाल पूछना ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर विपक्षी पार्टियों ने भी तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि मुझे दिमागी नक्सल कहा जा रहा है।"
इस विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि पीएम मोदी ने विपक्षी दलों के नेताओं को 'दिमागी नक्सली' नहीं कहा था। रिजिजू ने कहा कि यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया है जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, भारतीय संविधान को खारिज करते हैं, अलगाववादियों का समर्थन करते हैं या पूर्वोत्तर को देश से अलग करने की बात करते हैं।
पीएम मोदी के इस बयान पर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ सरकार कह रही है कि यह चेतावनी सिर्फ माओवादी विचारधारा के समर्थकों के लिए है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की आलोचना करने वालों और सवाल पूछने वाले युवाओं को डराने की कोशिश बता रहा है। वहीं, अब विशाल ददलानी का यह वीडियो इसी बहस का हिस्सा माना जा रहा है।
Updated on:
17 Aug 2026 08:31 am
Published on:
17 Aug 2026 08:22 am
