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‘पठान-टाइगर’ का नाम लेकर फंसे कुणाल खेमू? ‘वाइब’ को लेकर बोले- ये किसी फिल्म का स्पूफ नहीं है

Kunal Kemmu Vibe: कुणाल खेमू ने साफ किया है कि उनकी फिल्म ‘वाइब’ ‘पठान’ या ‘टाइगर’ की पैरोडी नहीं है। जानें फिल्म में शाहरुख खान और सलमान खान के जासूसों का रेफरेंस क्यों लिया गया।
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‘पठान-टाइगर’ का नाम लेकर फंसे कुणाल खेमू (सोर्स: X-@Vishaaakhaaa)

Kunal Kemmu Interview: कुणाल खेमू की अगली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘वाइब’ का ट्रेलर सामने आने के बाद इसकी तुलना शाहरुख खान की ‘पठान’ और सलमान खान की ‘टाइगर’ से होने लगी है। ट्रेलर में कुणाल खेमू के किरदार को ‘पठान’ और ‘टाइगर’ जैसे जासूसों का जिक्र करते हुए देखा गया है। ऐसे में सवाल उठने लगा कि क्या फिल्म इन दोनों फिल्मों की पैरोडी है। अब कुणाल खेमू ने साफ कर दिया है कि ‘वाइब’ किसी बॉलीवुड फिल्म की नकल या स्पूफ नहीं है।

‘पठान’ और ‘टाइगर’ का जिक्र क्यों किया?

पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कुणाल खेमू ने बताया कि फिल्म की कहानी उनके पास साल 2015 से थी। हालांकि, ‘पठान’ और ‘टाइगर’ का रेफरेंस कहानी में बाद में शामिल हुआ। फिल्म में कुणाल और ‘लापता लेडीज’ फेम स्पर्श श्रीवास्तव दो दोस्तों के किरदार में हैं। दोनों को जासूस के तौर पर कोई ट्रेनिंग या अनुभव नहीं है, लेकिन हालात उन्हें एक हाई-स्टेक मिशन में पहुंचा देते हैं।

ट्रेलर के एक सीन में कुणाल का किरदार सवाल करता है कि जब ‘पठान’ और ‘टाइगर’ जैसे काबिल जासूस मौजूद हैं, तो उसे इतने खतरनाक मिशन पर क्यों भेजा जा रहा है। ‘पठान’ में शाहरुख खान और ‘टाइगर’ फ्रेंचाइजी में सलमान खान ने जासूस का किरदार निभाया है। कुणाल के मुताबिक, इन किरदारों का नाम लेना किसी फिल्म पर हमला या उसका मजाक उड़ाना नहीं है। उनका कहना है कि जब कोई आम इंसान अचानक किसी ऐसी स्थिति में फंसता है, जिसके लिए वह तैयार नहीं है, तो वह उन्हीं पॉप कल्चर किरदारों के बारे में सोचता है जिन्हें वह जानता है।

‘ये कोई स्पूफ या पैरोडी नहीं है’

कुणाल खेमू ने स्पष्ट किया कि ‘वाइब’ को किसी फिल्म की पैरोडी के तौर पर नहीं बनाया गया है। उनके मुताबिक, फिल्म में जासूसी की दुनिया को जिस तरह दिखाया गया है, उसमें होने वाली घटनाओं के पीछे कहानी के स्तर पर तर्क है।

उन्होंने कहा कि यह मजाक भर नहीं है और दर्शक फिल्म देखने के बाद समझेंगे कि किरदार जिस स्थिति में पहुंचते हैं, उसमें ऐसा होना क्यों जरूरी है। ‘पठान’ और ‘टाइगर’ का जिक्र सिर्फ इसलिए है क्योंकि ये जासूसी जॉनर के सबसे पहचाने जाने वाले पॉप कल्चर रेफरेंस में शामिल हैं।

2015 से कुणाल के पास थी ‘वाइब’ की कहानी

कुणाल खेमू ने बताया कि ‘वाइब’ की कहानी उनके पास तब से थी, जब उन्होंने डायरेक्टर बनने के बारे में सोचा भी नहीं था। वह इसे अपने दोस्तों को सुनाया करते थे, लेकिन लंबे समय तक इसे लिखा नहीं क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि यह फिल्म बन पाएगी या नहीं। कुणाल ने साल 2024 में क्राइम-कॉमेडी ‘मडगांव एक्सप्रेस’ से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था। अब ‘वाइब’ उनकी अगली फिल्म है।

सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं रहना चाहते कुणाल

कुणाल खेमू के एक्टिंग करियर में कॉमेडी की अहम भूमिका रही है और बतौर डायरेक्टर भी उनकी फिल्मों में ह्यूमर दिखाई देता है। हालांकि, वह खुद को सिर्फ इसी जॉनर तक सीमित नहीं करना चाहते।

उन्होंने बताया कि वह बहुत सारी कॉमेडी फिल्में देखते हैं और संभव है कि उनकी राइटिंग पर भी उनका असर पड़ता हो। वह अमेरिकी फिल्ममेकर वेस एंडरसन की कहानी कहने की शैली से भी काफी प्रभावित हैं। कुणाल के मुताबिक, एंडरसन की फिल्मों में ह्यूमर होता है, लेकिन वह सिर्फ कॉमेडी फिल्ममेकर नहीं हैं। कुणाल ने बताया कि उनके पास हॉरर, एक्शन और डार्क फिल्मों से जुड़ी स्क्रिप्ट भी तैयार हैं। हालांकि, फिलहाल इंडस्ट्री में लोग उन्हें कॉमेडी वाले जॉनर में ज्यादा सहजता से देखते हैं। वह एक-दो कॉमेडी फिल्में करने के बाद किसी अलग जॉनर की कहानी पर काम करना चाहते हैं।

18 सितंबर को रिलीज होगी ‘वाइब’

‘वाइब’ में कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव के अलावा प्रीति जिंटा, वंशिका धीर, दिनेश लाल यादव और यशपाल शर्मा भी नजर आएंगे। फिल्म को कुणाल खेमू और चिराग निहलानी ने अपने प्रोडक्शन बैनर ड्रोंगो फिल्म्स के तहत अमेजन एमजीएम स्टूडियोज के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। ‘वाइब’ 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।