
Monalisa Love Jihad Marriage Controversy (सोर्स- एक्स)
Monalisa Love Jihad Marriage Controversy: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से जुड़ा मोनालिसा शादी मामला अब सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
गुरुवार को भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख नेता और विधायक शामिल थे। उन्होंने युवती के परिवार की शिकायत का हवाला देते हुए मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और जांच को तेज करने की मांग रखी।
नेताओं का कहना है कि युवती को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर शादी के लिए तैयार किया गया और अब उसे विदेश भेजने की आशंका जताई जा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने मोनालिसा का पासपोर्ट निरस्त करने और दस्तावेजों की जांच कराने की भी अपील की।
मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया जब स्थानीय विधायक राजकुमार मेव ने दावा किया कि महाकुंभ की वायरल गर्ल अभी बालिग नहीं है। उनके अनुसार, परिवार का कहना है कि मोनालिसा को फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर केरल ले जाया गया, जहां दबाव बनाकर शादी कराई गई।
यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। साथ ही नेताओं ने युवती की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उसे जल्द परिवार से मिलवाने की मांग की है।
भाजपा नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश बताया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अंतरधार्मिक विवाह के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।
इसी बीच क्षेत्रीय सांसद गजेंद्र पटेल ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए केरल सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूरे मामले पर एसपी रविंद्र वर्मा ने आश्वासन दिया है कि पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करेगी। उन्होंने कहा कि युवती की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और कानून के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोनालिसा की शादी को लेकर उठे सवाल अब सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गए हैं। एक तरफ जहां परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल इसे बड़ा मुद्दा बनाने में जुटे हैं।
फिलहाल, यह मामला किस दिशा में जाएगा, यह आने वाली जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि यह विवाद अभी थमने वाला नहीं है।
Updated on:
20 Mar 2026 02:23 pm
Published on:
20 Mar 2026 02:23 pm
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