2 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘जब तक SIR वापस नहीं होगा तब तक कर्नाटक चैन से नहीं बैठेगा’, हिरासत में लिए जाने के बाद बोले प्रकाश राज

Prakash Raj Detained: अभिनेता प्रकाश राज को हिरासत में लिए जाने वाला मुद्दा अब गर्माता जा रहा है। एक्टर ने इस मामले पर ललकार लगाते हुए कहा- जब तक SIR वापस नहीं होगा तब तक कर्नाटक चैन से नहीं बैठेगा
2 min read
Google source verification
Prakash Raj SIR Protest

Prakash Raj SIR Protest (फोटो सोर्स- ANI)

Prakash Raj SIR Protest: अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज और राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर मुखर रुख को लेकर चर्चा में हैं। मंगलवार को बेंगलुरु में आयोजित 'इलेक्शन कमिशन चलो' प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन मतदाता सूची में चल रही स्पेशल इंटेसिव रिविजन यानी SIR प्रक्रिया को लेकर किया गया था। हिरासत से बाहर आने के बाद प्रकाश राज ने साफ शब्दों में कहा कि ये लड़ाई इतनी आसानी से खत्म होने वाली नहीं है।

SIR को लेकर प्रदर्शन में पहुंचे प्रकाश राज

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में नागरिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे थे। इसी प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज और अभिनेता किशोर भी शामिल हुए।

प्रकाश राज ने मंच से कहा कि SIR की प्रक्रिया को खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन लंबे समय तक चलेगा और इसके लिए कानूनी रास्ता भी अपनाया जाएगा। उनका कहना था कि किसी भी योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

'कर्नाटक तब तक नहीं सोएगा'

हिरासत के बाद प्रकाश राज का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए काफी आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि SIR को वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा और कर्नाटक सरकार से भी आंदोलन के साथ खड़े होने की मांग की जाएगी।

प्रकाश राज ने अपने भाषण में यह संदेश देने की कोशिश की कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी फैसले का सीधा असर आम नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार पर पड़ सकता है।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

प्रकाश राज ने केवल SIR पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आयोग के गठन और उसके अधिकारियों को मिली कानूनी सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी संस्था की जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना उसका अधिकार।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर किसी मतदाता को अपनी नागरिकता या वोटर लिस्ट में नाम साबित करने के लिए बार-बार अदालतों के चक्कर लगाने पड़ें तो इससे आम आदमी पर कितना दबाव पड़ेगा।

वोटर लिस्ट में लाखों नामों को लेकर चर्चा

दरअसल, कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर मतदाता विवरण का सत्यापन किया गया था। इसके बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 4.46 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे रिकॉर्ड भी चिन्हित किए गए जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट या अन्य श्रेणियों में रखा गया।

इसके अलावा लाखों मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां और मैपिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। चुनाव आयोग की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस देकर अपनी पात्रता स्पष्ट करने का अवसर दिया जाना है।

अभिनेता किशोर भी प्रदर्शन में शामिल

इस आंदोलन में अभिनेता किशोर भी प्रकाश राज के साथ दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि हर योग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और इतनी बड़ी प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय तथा पारदर्शिता जरूरी है। उनका कहना था कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि मतदान के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है।

कर्नाटक में दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

बड़ी खबरें

View All

मनोरंजन

ट्रेंडिंग