इस फिल्म के विवाद के चलते 2011 में फिल्म की कुछ स्क्रीनिंग भी प्रभावित हुईं। न्यूयॉर्क के स्टारलाइट पैवेलियन और गोवा के आर्ट चैंबर में शोज कैंसिल कर दिए गए। तो वहीं, सैन जोस म्यूजियम ऑफ आर्ट के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि, फिल्म पर कभी आधिकारिक रूप से पूर्ण बैन नहीं लगाया गया और ये आज भी YouTube पर उपलब्ध है।