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‘महिलाओं को फिल्मों में ‘ऑब्जेक्ट’ दिखाने पर तापसी पन्नू ने उठाई आवाज, फैंस बोले- पेड्डी और टॉक्सिक में कुछ समझ नहीं आया

Taapsee Pannu Objectification: तापसी पन्नू ने फिल्मों में महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात करते हुए कहा कि मेकर्स अक्सर ऑडियंस की डिमांड का हवाला देते हैं। पेड्डी और टॉक्सिक विवाद के बीच एक्ट्रेस ने अपनी राय रखी।
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मुंबई

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Shiwani Mishra

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Updated: 5 Sep 2026, 4:03 PM IST

Taapsee Pannu objectification

तापसी पन्नू का बयान (सोर्स: x-@XpressCinema)

Taapsee Pannu Statement: तापसी पन्नू ने फिल्मों में महिलाओं के किरदारों को लेकर हो रही बहस पर खुलकर अपनी राय रखी है। एक्ट्रेस ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री अक्सर महिलाओं के हाइपरसेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर सवाल उठने के बाद इसका जिम्मेदार ऑडियंस को बताकर बच निकलती है। उन्होंने इसे ‘डिमांड और सप्लाई’ का हिस्सा बताते हुए कहा कि अगर दर्शक ऐसा कंटेंट देखना चाहते हैं तो मेकर्स उसे कमाई के लिए परोसते हैं।

हाल ही में राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ और यश की ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में महिलाओं को दिखाए जाने के तरीके पर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी। इसी बीच तापसी का यह बयान सामने आया है।

‘ऑडियंस चाहती है तो हमें देना चाहिए, वरना पैसे कैसे कमाएंगे?’

जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने कहा कि इंडस्ट्री अक्सर ऐसे कंटेंट के लिए ऑडियंस को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने सोशल मीडिया का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी महिला की तस्वीर या वीडियो को अलग-अलग एंगल से इस्तेमाल कर उसे वायरल करने वाली प्रोफाइल की कमी नहीं है। ऐसे में इंडस्ट्री के पास यह कहने का आधार बन जाता है कि इस तरह के कंटेंट की ऑडियंस मौजूद है।

तापसी ने इसे ‘डिमांड और सप्लाई’ का नाम देते हुए कहा कि मेकर्स सोचते हैं कि अगर ऑडियंस यह चाहती है तो उन्हें वही देना चाहिए, क्योंकि आखिरकार फिल्म से पैसे कमाने हैं। उनके मुताबिक, इसी सोच में आर्ट और क्राफ्ट पीछे छूट जाते हैं।

‘कोविड से पहले हमने बहुत प्रोग्रेस की थी’

तापसी ने कहा कि कोविड से पहले इंडियन सिनेमा ने काफी प्रगति की थी और वह दुनिया के बेहतरीन सिनेमा के साथ बराबरी करने की दिशा में बढ़ रहा था। लेकिन अब उन्हें लगता है कि इंडस्ट्री फिर से पीछे जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि मेकर्स हर बार ऑडियंस को दोष देंगे और ऐसे में एक्टर्स के लिए इस लड़ाई को अकेले जीतना मुश्किल है। तापसी के मुताबिक, इस बदलाव के लिए दर्शकों का साथ मिलना जरूरी है।

‘पेड्डी’ में जान्हवी कपूर के किरदार पर हुई थी आलोचना

तापसी का बयान ऐसे समय में आया है जब ‘पेड्डी’ में जान्हवी कपूर के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी। दर्शकों के एक वर्ग ने आरोप लगाया था कि किरदार की कहानी और व्यक्तित्व से ज्यादा कैमरा वर्क, रोमांटिक सीन और उनके लुक पर जोर दिया गया। इस विवाद के बाद फिल्म के डायरेक्टर ने संबंधित सीन हटाने का फैसला किया था और माफी भी मांगी थी।

‘टॉक्सिक’ में महिलाओं के चित्रण पर भी उठे सवाल

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में महिलाओं के चित्रण को लेकर भी रिलीज से पहले और रिलीज के बाद चर्चा हुई। कुछ दर्शकों ने मेकर्स पर महिला किरदारों को ग्लैमर और सेंसुअलिटी तक सीमित रखने का आरोप लगाया, तो कुछ को पेड्डी और टॉक्सिक की स्क्रीप्ट बहुत कंफ्यूजिंग लगी। तापसी ने अपने बयान में सीधे तौर पर इन फिल्मों के नाम लेकर टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनका बयान ऐसे ही विवादों के बीच सामने आया है।

‘गांधारी’ में नजर आई थीं तापसी

वर्कफ्रंट की बात करें तो तापसी पन्नू हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘गांधारी’ में नजर आई है। देवाशीष मखीजा के निर्देशन में बनी इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में इश्वाक सिंह, छाया कदम, स्वास्तिका मुखर्जी और मीता वशिष्ठ भी अहम भूमिकाओं में हैं।

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