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‘हमारे जैसे लोगों का तमाशा बना देते हैं’, LGBTQ+ रैली के वायरल वीडियो पर ट्रांस महिला का छलका दर्द, बोलीं- ये कानूनन जुर्म है

Trans Person Viral Video LGBTQ+ Rally: पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक ट्रांस महिला गाली-गलौज करते हुए नजर आ रही थी। अब उसी ने मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

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Trans Person Viral Video LGBTQ+ Rally

Trans Person Viral Video LGBTQ+ Rally (सोर्स- @SwakshTripathi)

Trans Person Viral Video LGBTQ+ Rally: सोशल मीडिया की दुनिया में एक वीडियो कभी-कभी किसी की पूरी जिंदगी बदल देता है। इन दिनों दिल्ली में आयोजित एक ट्रांसजेंडर अधिकार प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो चर्चा के केंद्र में है। वीडियो में एक ट्रांस महिला और एक कंटेंट क्रिएटर के बीच हुई बातचीत देखते ही देखते वायरल हो गई। लेकिन अब इस मामले का दूसरा पक्ष सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर प्राइवेट, सहमति और डिजिटल अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो के बाद पहली बार सामने आईं ट्रांस महिला ने दावा किया है कि उनकी परमिशन के बिना उनका वीडियो रिकॉर्ड किया गया और फिर उसे लाखों लोगों तक पहुंचा दिया गया। उनका कहना है कि जिस चेहरे को उन्होंने सालों तक सार्वजनिक नजरों से बचाकर रखा, वही चेहरा कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर हर जगह दिखाई देने लगा।

सालों की मेहनत एक वीडियो ने कर दी खत्म

ट्रांस महिला ने बताया कि उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा सार्वजनिक मंचों से दूर रखा। उनका ज्यादातर समय कला, डिजाइन, पढ़ाई और शिक्षण कार्यों में बीतता है। वो सोशल मीडिया पर भी बेहद सीमित मौजूदगी रखती हैं।

उनका कहना है कि वायरल वीडियो के बाद न सिर्फ उनकी तस्वीरें इंटरनेट पर फैल गईं बल्कि लोगों ने स्क्रीनशॉट लेकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करना शुरू कर दिया। इससे उनकी पहचान उन लोगों तक भी पहुंच गई जिनसे वह वर्षों तक अपनी निजी जानकारी छिपाकर रखती थीं।

AI का इस्तेमाल बना नई चिंता

मामले का सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके चेहरे का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंटेंट बनाने में किया। उनके मुताबिक उनकी तस्वीरों को अलग- अलग डिजिटल टूल्स में डालकर नए पिक्चर और सामग्री तैयार की गई, जो उनकी सहमति के बिना इंटरनेट पर प्रसारित हुई।

उनका मानना है कि ये सिर्फ ऑनलाइन ट्रोलिंग का मामला नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की तस्वीर लेकर उसे AI आधारित सामग्री में बदलना और फिर व्यापक रूप से प्रसारित करना गंभीर चिंता का विषय है।

प्रदर्शन में क्यों हुई थी बहस?

जानकारी के मुताबिक, ये घटना राजधानी दिल्ली में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद एक कंटेंट क्रिएटर ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। इसी दौरान कुछ सवाल पूछे गए जिन्हें ट्रांस महिला ने उकसाने वाला और असंवेदनशील माना।

उनका आरोप है कि बातचीत का मकसद जानकारी हासिल करना नहीं बल्कि प्रतिक्रिया उकसाना था। इसी वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो गई और वीडियो में दिखाई देने वाली तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।

ट्रांस महिला का छलका दर्द

ट्रांस महिला ने बात करते कहा, 'दो हफ्तों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हमारा चेहरा दिखाई दे रहा है। वो सीजेपी की कोई रैली नहीं थी बल्कि ट्रांस बिल को लेकर सरकार के खिलाफ एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था। हमारे जैसे लोगों के साथ अन्याय होता है तो उसकी कोई सुनवाई नहीं करता है।' ना ही हमारे जैसे लोगों की कोई बात सुनता है। स्वक्श त्रिपाठी नाम की ट्रांस महिला ने साफ कहा कि उनकी वीडियोज का इस्तेमाल करना कानूनन जुर्म है।

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