
ट्विशा शर्मा की मौत बनी रहस्य
Giribala Singh court statement innocent: देश के सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक,ट्विशा शर्मा मौतमामले में रोज़ नए और चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं। इस केस की मुख्य आरोपी और ट्विशा की सास गिरिबाला को लेकर इस वक्त गलियारों में भारी चर्चा है। हाल ही में कोर्ट द्वारा 16 जून तक भोपाल केंद्रीय जेल भेजे जाने और अन्य कैदियों से अलग रखने के निर्देश के बाद अब सोशल मीडिया और मीडिया हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पूर्व जज गिरिबाला सिंह जेल जाने से डर गई हैं? इस बीच, उन्होंने अपनी बहू ट्विशा की संदिग्ध मौत को लेकर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है और अदालत के सामने बेहद आक्रामक तरीके से अपना पक्ष रखते हुए कहा है- "मैं पूरी तरह बेकसूर हूं।"
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला मोड़ तब आया, जब पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया। खबरों के मुताबिक, पूर्व जज होने के नाते गिरिबाला सिंह किसी वकील के सहारे नहीं रहीं, बल्कि वे खुद अदालत में अपना पक्ष रख रही थीं। सूत्रों ने बताया कि वे बेहद आक्रामक तरीके से अपने और अपने बेटे समर्थ का बचाव कर रही थीं। उन्होंने ट्विशा के परिवार द्वारा लगाए गए दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को बेकसूर बताया।
सीबीआई (CBI) अब इस मामले में उस लव एंगल और शादी के बाद अचानक बदले हालातों की कड़ाई से जांच कर रही है। आखिर शादी के महज पांच महीनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसती-खेलती लड़की की लाश फंदे से लटकी मिली? क्या समर्थ का ट्विशा से प्यार सिर्फ एक दिखावा था या फिर शादी के बाद पूर्व जज सास के रसूख और लालच के आगे यह रिश्ता घुटने टेक गया?
इन सभी सुलगते सवालों के जवाब ढूंढने के लिए सोमवार को सीबीआई की टीम ने कटारा हिल्स स्थित उसी घर में क्राइम सीन का री-क्रिएशन किया। जांचकर्ताओं ने एक पुतले, फांसी के फंदे और अन्य वैज्ञानिक सामग्रियों का उपयोग करके मौत के आकिरी पलों का नाट्य रूपांतरण किया। इस पूरी कसरत का मकसद यह जानना था कि आरोपी मां-बेटे जो कहानी बयां कर रहे हैं, क्या वह भौतिक साक्ष्यों से मेल खाती है या नहीं।
फिलहाल, सीबीआई को दिल्ली स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की जा रही फोरेंसिक पुनर्निर्माण रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। यह वैज्ञानिक रिपोर्ट अगले एक हफ्ते के भीतर आने की उम्मीद है, जिससे यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि ट्विशा ने खुदकुशी की थी या फिर कानून की आड़ में उसका बेरहमी से मर्डर किया गया था। डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच तेज हो चुकी है, और पूरा देश अब इस बात का इंतजार कर रहा है कि क्या कानून के रखवाले रहे इस परिवार के गुनाह साबित होंगे और ट्विशा को इंसाफ मिलेगा।
Published on:
03 Jun 2026 10:25 am
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