
लगभग एक माह से भी कम समय दिवाली में बचा है। अभी तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाइयों और निर्माण सामग्रियों की जांच शुरू नहीं की है। हालांकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन बालोद के निरीक्षक भरत भूषण पटेल का दावा है कि नवरात्रि के बाद मिठाइयों को सैंपल लिया जाएगा। बड़ा सवाल है कि जब लोग मिठाइयों को खरीदकर खा चुके रहेंगे, तब मिठाइयों की जांच रिपोर्ट आएगी। जबकि विभाग लोगों को सही व शुद्ध मिठाइयों को खरीदकर खाने की अपील करता है।
प्रदेशभर में एक ही लैब है, जहों प्रदेश के जिलों से लिए गए मिठाइयों व अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल आते हैं। इनकी जांच रायपुर में होती है। ज्यादा सैंपल आने के कारण जांच में देरी होती है। यही वजह है कि सैंपल रिपोर्ट में देर होती है।
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शहर के दिलीप कौशिक, रविन्द्र कुमार, तरुण कुमार ने कहा कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों के सैंपल तत्काल जांच के लिए भेजें। सरकार ऐसी व्यवस्था करें कि सैम्पल रिपोर्ट हर हाल में 7 दिन के भीतर आ जाए।
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खाद्य सामग्री की जांच रिपोर्ट अमूमन 14 दिन में आने का प्रावधान है। कई बार 40 दिन में रिपोर्ट मिल पाती है। ऐसे में त्योहार पर विक्रेता मिलावटी मिठाई बेच देते हैं। हर साल खाद्य सामग्रियों के सैंपल में कुछ अमानक पाए जाते हैं। हालांकि टीम जल्द ही सैम्पल लेने निकलेगी।
निरीक्षक खाद्य औषधि प्रशासन बालोद भरत भूषण पटेल ने कहा कि समय-समय पर दुकानों, होटल, मिष्ठान दुकानों में टीम जाकर मिठाइयों, खाद्य सामग्रियों का सैंपल लेती हैं। जांच के लिए लैब भेजते हैं। स्तरहीन रिपोर्ट आने पर उस दुकान और होटल संचालकों पर कार्रवाई की जाती है।
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Updated on:
22 Sep 2025, 11:31 PM IST
Published on:
22 Sep 2025, 11:30 PM IST
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