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फर्रुखाबाद में गंगा-रामगंगा का कहर: गांव के गांव खाली, खतरे के निशान से 40 सेंमी ऊपर, 47 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा

Ganga water level 40 cm above from danger mark, Ramganga also dangerous फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा दोनों घर भर पा रही है करीब छोटे-बड़े 350 गांव बाढ़ प्रभावित है गांव के गांव खाली हो गए हैं।‌ डीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रात सामग्री का वितरण कर रहे हैं।

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बाल की गंभीर स्थिति को देखती भीड़ (फोटो सोर्स- 'X' वीडियो ग्रैब)

फोटो सोर्स- 'X' वीडियो ग्रैब)

Ganga water level 40 cm above from danger mark, Ramganga also dangerous फर्रुखाबाद में गंगा और राम गंगा में बढ़ते जलस्तर के कारण जिले की स्थिति काफी विकराल हो गई है। ग्रामीण घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं। फर्रुखाबाद कायमगंज संपर्क मार्ग बंद कर दिया गया है।‌ गंगा खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जबकि रामगंगा भी उफान पर है। जिसका जलस्तर भी खतरे की ओर बढ़ रहा है। दोनों नदियों के बीच बसे गांव की स्थिति काफी गंभीर है। ऐसा लगता मानो दोनों नदियां आपस में मिलने को बेकरार है। जिले के करीब साढे 350 गांव प्रभावित है।

खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में गंगा नदी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जो खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के तांडव से लोग गांव छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार की की स्थिति 1978 में आई थी। जब लोगों को घर द्वार छोड़कर पलायन करना पड़ा था। 47 साल पहले आई बाढ़ को लोग याद कर रहे हैं। रामपुर, जोगराजपुर, कटरी धरमपुर, हरिहरपुर, ग्राम पंचायत शरीफपुर छिछनी माजरा जैतपुर गढ़िया, काशीराम कॉलोनी, गढ़िया हैबतपुर सहित करीब 350 छोटे-बड़े गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।

पूर्व प्रधान का शव भी नहीं मिला

मोती नगला पूर्व प्रधान नंदकिशोर बाढ़ के पानी में डूब गये। जिन्हें गोताखोरों ने तलाशने की कोशिश की। लेकिन नहीं मिले। बाढ़ का पानी शमशाबाद क्षेत्र को अपनी आगोश में ले लिया है। ‌ सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण सड़क पर डेरा जमाए हुए हैं। स्थिति दिन पर दिन विकराल होते जा रही है।

राहत शिविर बना ठिकाना

जिला प्रशासन ने राहत शिविरों में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया। रहमानिया इंटर कॉलेज सलावत खान, उप मंडी अर्रापहाड़पुर में राहत शिविर बनाया गया है। जहां बाढ़ पीड़ितों को भोजन और रुकने की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कैंप भी लगाया गया है। कायमगंज तहसील के कंपिल बहवलपुर गांव में भी राहत शिविर है। यहां पर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था की गई है।

अमृतपुर तहसील क्षेत्र की स्थिति गंभीर

जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील के रामनिवास महाविद्यालय चित्रकोट गांधी में बनाए गए राहत शिविर में भी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया। डीएम ने बताया कि यहां पर 250 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी गई है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थी।