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फर्रुखाबाद गंगा खतरे के निशान से ऊपर, मोटर बोट से पहुंचाई जा रही मदद, क्या कहते हैं डीएम?

Ganga above danger mark, help provided by motor boat फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा और रामगंगा दोनों से ही खतरा बना हुआ है। डीएम और एसपी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के राहत और स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं। नावों की व्यवस्था भी की गई है।

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बाढ़ से स्थिति गंभीर (फोटो सोर्स- 'X' फतेहगढ़ पुलिस)

फोटो सोर्स- 'X' फतेहगढ़ पुलिस

Ganga above danger mark, help provided by motor boat फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा के जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रहा है। नरौरा बांध से 305041 क्यूसेक पानी छोड़ गया है। जबकि रामगंगा बैराज से 6992 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 15 वर्षों में पहली बार कंपिल स्थित कालेश्वर नाथ मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिलाधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं। ‌जिलाधिकारी ने कहा कि 30-32 गांव बाढ़ की चपेट में है। इन गांवों में नाव लगाई गई हैं। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचा रहा है।

कई रास्तों को बंद किया गया

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा का जलस्तर 137.25 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। जबकि राम गंगा का जलस्तर 136.26 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। कायमगंज तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां पर करीब 25 गांव बाढ़ से प्रभावित है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद के लिए मोटर बोट और नाव के माध्यम से मदद कर रही है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग, शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग, कंपील-बदायूं मार्ग, फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर से बाढ़ का पानी बह रहा है।

कालेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी

कंपिल क्षेत्र के विरामपुर, हमीरपुर टपुआ, कारव, पथरामई, माधवपुर सहित कई अन्य गांव बाढ़ की चपेट में हैं।‌ कंपिल स्थित द्वापर युग कालीन कालेश्वर नाथ मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। क्षेत्र के कई अन्य घाट भी जलमग्न हो गए हैं। पिछले 15 वर्षों के बाद कालेश्वर नाथ मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंचा है। अमृतपुर स्थित रामगंगा और गंगा से खतरा बना हुआ है। अमृतपुर क्षेत्र के करीब 22 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां पर भी प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए नाव उपलब्ध कराया। सुरक्षा की दृष्टिकोण से जिला प्रशासन ने चित्रकूट डिप पर बैरिकेडिंग लगाई है।

डीएम ने किया प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। अमृतपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर और बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा के जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शासन स्तर पर दी जाने वाली मदद बाढ़ पीड़ितों को पहुंचाई जा रही है।