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रविवार 9 जून : सुबह 8 बजे से पहले जप लें इनमें से कोई एक मंत्र, तेजी से बढ़ने लगेगी पैसों की आवक

भानु सप्तमी रविवार को सूर्य पूजा के लिए बना महासंयोग, सब की इच्छा होगी पूरी

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भोपाल

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Shyam Kishor

Jun 08, 2019

bhanu saptami vrat

रविवार 9 जून : सुबह 8 बजे से पहले जप लें इनमें से कोई एक मंत्र, बढ़ने लगेगी पैसों की आवक

इस रविवार यानी की 9 जून 2019 को शुभ महासंयोग बन रहा है। इस दिन भगवान सूर्यनारायण की विशेष कृपा पाने के लिए व्रत रखने से दरिद्रता का नाश होने के साथ धन, वैभव, ऐश्वर्य और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म ग्रन्थों में भानु सप्तमी का दिन बहुत ही शुभ दिन बताया गया है। भानु सप्तमी के दिन सुबह 8 बजे से पहले आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करने के बाद इनमें से किसी एक सूर्य मंत्र का जप करने से सूर्य भगवान प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। जानें भानु सप्तमी व्रत का महत्व और लाभ।

सूर्य प्रत्यक्ष देवता है, इनकी अर्चना से मनुष्य को सब रोगों से छुटकारा मिलता है। जो नित्य भक्ति और भाव से सूर्यनारायण को अर्ध्य देकर नमस्कार करता है, वह कभी भी अंधा, दरिद्र, दुःखी और शोकग्रस्त नहीं रहता।

कर लें इनमें से कोई भी एक उपाय, साक्षात दर्शन दें इच्छा पूरी करेंगे हनुमान जी

कथानुसार, भानु सप्तमी के दिन ही सूर्य भगवान ने अपने प्रकाश से पृथ्वी को प्रकाशवान किया था। रविवार के दिन सप्तमी तिथि के संयोग से 'भानु सप्तमी' पर्व का सृजन होता है। ग्यारह हजार रश्मियों के साथ तपने वाले सूर्य 'भग' रक्तवर्ण है। यह सूर्यनारायण के सातवें विग्रह है और एश्वर्य रूप से पूरी सृष्टि में निवास करते हैं। सम्पूर्ण ऐश्वर्या, धर्म, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य ये छह भग कहे जाते हैं।

भानु सप्तमी के दिन सुबह 8 बजे से पहले भगवान सूर्य नारायण के इन दिव्य मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र या सभी मंत्रों को कम से कम 108 बार जप करने धन संबंधित सभी मनोकामनाएं सूर्य देव पूरी कर देते हैं।

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सूर्य मंत्र

ॐ मित्राय नमः
ॐ रवये नमः
ॐ सूर्याय नमः
ॐ भानवे नमः
ॐ खगाय नमः
ॐ पुष्णे नमः

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ॐ हिरन्यायगर्भय नमः
ॐ मरीचे नमः
ॐ सवित्रे नमः
ॐ आर्काया नमः
ॐ आदिनाथाय नमः
ॐ भास्कराय नमः
ॐ श्री सवितसूर्यनारायण नमः।।

इस दिन तांबे के पात्र में शुद्धजल भरकर उसमें लाल चन्दन, अक्षत, लाल रंग के फूल डाल कर सूर्यनारायण को अर्ध्य देना चाहिए। इस दिन एक समय बिना नमक का भोजन सूर्यास्त के बाद करना चाहिए। पौराणिक ग्रन्थों और शास्त्रों में भानु सप्तमी के दिन जप, यज्ञ, दान आदि करने पर सूर्य ग्रहण की तरह अनंत गुना फल प्राप्त होता है।

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