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कांग्रेस लीडर और जम्मू-कश्मीर के वित्तमंत्री की बेटी से अरुण जेटली ने की थी शादी, ये था मामला

अरुण जेटली जम्मू कश्मीर के फाइनेंस मिनिस्टर गिरधारी लाल डोगरा के थे दामाद जम्मू कश्मीर के हीरानगर से 5 बार विधायक चुने गए थे गिरधारी लाल डोगरा

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Saurabh Sharma

Aug 24, 2019

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नई दिल्ली। बीते एक महीने में देश में ऐसा कुछ घटित हो चुका है, जिस पर यकीन कर पाना अभी भी मुश्किल हो रहा है। जम्मू कश्मीर से 370 हटने से लेकर शीला दीक्षित की मौत और अब अरुण जेटली का स्वर्गवास। सबसे ज्यादा दुखों का पहाड़ तो उनकी पत्नी संगीता जेटली पर टूटा। आपको शायद पता ना हो कि संगीता जेटली भी बड़े पॉलिटिकल घराने से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता देश के बड़े लीडर्स में से एक थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अपनी जिंदगी में कभी चुनाव ना हारने वाले गिरधारी लाल डोगरा ने अपनी बेटी की शादी अरुण जेटली से की थी। यहीं से अरुण जेटली जम्मू कश्मीर से कनेक्शन में शुरू हो जाता है। आइए आपको भी बताते हैं कि कैसे...

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अरुण जेटली के ससुर थे जम्मू कश्मीर के फाइनेंस मिनिस्टर
गिरधारी लाल डोगरा कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार थे। 1952 में उन्हें जम्म कश्मीर विधानसभा में मेंबर नॉमिनेट किया गया था। सबसे बड़ी बात तो ये है कि वो जम्मू कश्मीर के फाइनेंस मिनिस्टर भी बने। उन्होंने जम्मू कश्मीर के 26 बार बजट तैयार किया। साथ ही उसे सफलतापूर्वक लागू भी करवाया। उन्हीं योजनाओं के चलते जम्मू कश्मीर की इकोनॉमी में काफी इजाफा देखने को मिला था। साथ ही कश्मीर में आतंक साया रहते हुए व्यापार और लोगों की प्रगति भी हो रही थी।

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अपनी जिंदगी में कभी चुनाव नहीं हारे गिरधारी लाल डोगरा
1952 में नोमिनेशन के बाद उन्होंने 1957 में जम्मू के हीरा नगर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा और वो जीते। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुढ़कर नहीं देखा। 1975 तक वो लगातार विधानसभा चुनाव जीतते रहे। उसके बाद उन्होंने दो बार लोकसभा चुनाव भी लड़ा। पहला लोकसभा चुनाव पुंछ लोकसभा सीट से 1980 में और दूसरा चुनाव 1984 में उधमपुर-कठुआ लोकसभा सीट से। दोनों बार उन्हें जीत हासिल हुई। इंदिरा गांधी ने उन्हें लोकसभा अध्यक्ष बनने का ऑफर भी दिया था, लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था। ताज्जुब की बात तो ये है कि अरुण जेटली बीजेपी में 1980 में जुड़े थे। 2014 तक उन्होंने कोई डायरेक्ट इलेक्शन नहीं लड़ा था। 2014 में अमृतसर लोकसभा सीट से टिकट मिलने के बाद वो चुनाव हार गए थे। यानी अरुण जेटली कभी जनता के बीच के लीडर नहीं बन सके।

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करीब 37 साल पहले हुई थी संगीताा से शादी
अरुण जेटली को पूर्ण राजनीति में आए अभी दो वर्ष ही हुए थे कि उनकी शादी गिरधारी लाल डोगरा जैसे बड़े नेता की बेटी संगीता डोगरा से हो गई थी। यानी जम्मू कश्मीर की लड़की से शादी से उन्होंने करीब 37 साल पहले की थी। जिसके बाद उनका जम्मू कश्मीर से खास कनेक्शन बन गया। जब जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटी तो हरियाणा के चीफ मिनिस्टर मनोहर लाल खट्टर ने जम्मू कश्मीर की लड़कियों से शादी का बयान दिया था। शायद वो भूल गए थे कि उन्हीं की पार्टी के बड़े नेता करीब 37 साल पहले ही शादी कर ली थी।