
आम बजट 2019: बुलियन मार्केट को कुछ इस तरह की हैं उम्मीदें, क्या पिछले वादों को पूरा करेगी सरकार?
नई दिल्ली।पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) की नई सरकार का नया पूर्ण बजट 2019 ( budget 2019 ) 5 जुलाई को पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ( Nirmala Sitharaman ) पेश करेंगी। इस बार का बजट कुछ खास होगा। एक तो इसलिए कि इसे एक महिला पेश करेगी। दूसरा यह कि कुछ महीने पहले अंतरिम बजट ( Interim budget ) में सरकार लोगों को जो नहीं दे सकी थी, उन्हें राहत मिलेगी। कुछ सेक्टर तो अंतरिम बजट में छुए ही नहीं गए थे। खैर वो बात अलग है कि पिछले बजट में जो वादे किए गए थे, उन्हें अभी पूरा नहीं किया गया है। तब भी पीएम नरेंद्र मोदी ही थे। आज हम जिस सेक्टर की बात कर रहे हैं वो बुलियन सेक्टर ( Bullion Sector ) है। जो मौजूदा समय में इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि सोने के दाम ( gold price ) 34 हजार के पार चले गए हैं। अपनी इस खास पेशकश में आज आपको बताएंगे कि आखिर बुलियन मार्केट ( bullion market ) को बजट 2018 के लिए क्या ऐलान हुए थे और क्या उनपर काम हुआ। साथ ही इस बार बुलियन मार्केट को सरकार से किस तरह की अपेक्षाएं हैं?
वादे हैं वादों का क्या...
बुलियन मार्केट के लिए बजट 2018 में सरकार की ओर से गोल्ड पॉलिसी लाने का वादा किया गया था। जानकारों की मानें तो गोल्ड पॉलिसी के तहत गोल्ड एक्सचेंज खोलने की बात कही गई थी। वहीं गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में जरूरी बदलाव करने का भी ऐलान हुआ था। जिसके तहत लोग गोल्ड डिपोजिट अकाउंट खोलकर अपने सोने को रख सकेंगे। सरकार ने गोल्ड को एसेट क्लास बनाने के लिए कदम उठाने का भी वादा किया था। लेकिन ऐलान होने के बाद ये वादे सिर्फ फाइलों में बंद हो गए। कुछ महीनों में चुनावी मौसम शुरू हुआ। चुनाव का ऐलान हुआ। अंतरिम बजट पेश किया गया। बुलियन मार्केट पूरी तरह से अछूता रहा। कोई काम नहीं हुआ।
अब कुछ उम्मीदें जगी हैं
नई सरकार का गठन हो चुका है। मोदी सरकार में कुछ नए चेहरे भी दिखाई दिए हैं। इस बार वित्त मंत्री के रूप में एक महिला पर दांव खेला गया है। पिछली सरकार में रक्षा मंत्री के पद पर रहीं निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री बनाई गई हैं। उनके मंत्री बनने के बाद बुलियन ट्रेडर्स को इसलिए आस जगी है क्योंकि पिछले दो हफ्तों में गोल्ड पॉलिसी और गोल्ड मॉनेटाइजेशन को लेकर मीटिंग हुई हैं। जिन्हें हरी झंडी मिलती हुई दिखाई दे रही है। जानकारों का कहना है कि बजट में दोनों को लेकर अहम ऐलान सरकार कर सकती है।
आखिर क्या हैं बुलियन मार्केट को उम्मीदें
- बुलियन मार्केट चाहता है कि सरकार स्पॉट एक्सचेंज खोलने की दिशा में तेजी से काम शुरू करे।
- पूरे देश में हालमॉर्किंग ज्वेलरी को लागू करने का काम करे।
- सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जाए। बुलियन मार्केट की यह मांग हर बजट में होती है। मौजूदा समय में 10 फीसदी ड्यूटी है।
- पूरे देश में बुलियन बैंक की स्थापना हों, ताकि लोगों को सहुलियन हो सके।
- गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में जरूरी सुधार होने काफी जरूरी है। इस बात को सरकार भी मानती है।
- सरकार देश में गोल्ड के एटीएम कार्ड शुरू करे।
- होम लोन की तर्ज पर गोल्ड खरीदने के लिए भी लोन की व्यवस्था का ऐलान करे।
- बुलियन मार्केट में सबसे बड़ा संकट फाइनेंस का आता है। ऐसे में बुलियन सेक्टर के लिए आसान कर्ज की उपलब्धता का इंतजाम होना चाहिए।
- वायदा बातार से कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स हटाया जाए।
- चीन की तरह देश में बुलियन एक्सचेंज शुरू हो,
- आसियान देशों से सोना और ज्वेलरी इंपोर्ट पर रोक लगनी चाहिए।
- गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम और गोल्ड बॉन्ड पर इनकम टैक्स में छूट मिलनी चाहिए।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एंजेल ब्रोकिंग रिसर्च एंड कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता कहना है पिछले बजट में गोल्ड मोनेटाइजेशन में बदलाव और गोल्ड पॉलिसी लाने की बात कही गई थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई काम नहीं हुआ। इस बार सरकार दोनों ही मसलों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा गोल्ड स्टॉक एक्सचेंज खुलने से लोगों को बड़ा फायदा होगा। साथ ही गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में बदलाव होंगे तो घर में रखे सोने का भी इस्तेमाल आसानी से हो सकेगा। वहीं यूपी सर्राफा एसोसिएशन के संगठन मंत्री सर्वेश अग्रवाल के अनुसार एक तो सरकार को इंपोर्ट ड्यूटी कम करनी चाहिए। ताकि ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाई जा सके। साथ ही आसियान देशों से गोल्ड एवं ज्वेलरी के इंपोर्ट पर पाबंदी भी लगनी चाहिए।
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Updated on:
28 Jun 2019 02:22 pm
Published on:
28 Jun 2019 02:07 pm
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