
नोटों पर गांधी जी की तस्वीर को छापने का ये है राज
नई दिल्ली। पिछले कई सालों में नोटों में कई बड़े बदलाव आए। लेकिन नहीं बदली तो नोट से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर। आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बताने जा रहे हैं कि गांधी जी की ही तस्वीर नोटो पर क्यों छपी होती है और नोट पर छपी फोटो कहां से ली गई है।
इसलिए नोटों पर छपती है गांधी जी की फोटो
दरअसल हमारा देश विभिन्नताओं में एकता वाला देश है और महात्मा गांधी को राष्ट्रीय प्रतीक के रुप में माना जाता है। राष्ट्रपिता की उपाधि हासिल कर चुके गांधी उस वक्त राष्ट्र का चेहरा थे, इसलिए उनके नाम पर फैसला लिया गया। क्योंकि अन्य सेनानियों के नाम पर क्षेत्रीय विवाद हो सकता था। इसलिए ही नोटों पर छापने के लिए गांधी जी तस्वीर को चुना गया। आपको बता दें की 1996 महात्मा गांधी वाले कागजी नोटों की शुरुआत 1996 से शुरू हुई, जो अब तक चलन में है।
यहां से आई नोटो पर छपने वाली तस्वीर
अब सवाल यह उठता है कि गांधी जी की यह तस्वीर कहां से आई, जो ऐतिहासिक और हिंदुस्तान की करेंसी का ट्रेडमार्क बन गई। कई लोगों को ऐसा लगता है कि ये फोटो नहीं बल्कि सिर्फ पोट्रेट है। लेकिन ऐसा नहीं है यह बल्कि गांधी जी की तस्वीर है। बल्कि इसी तस्वीर से गांधी जी का चेहरा पोट्रेट के रूप में लिया गया है। बता दें कि यह तस्वीर साल 1946 में खेंची गई थी और यह असली तस्वीर है। यह फोटो उस वक्त की है जब वो जब लार्ड फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस विक्ट्री हाउस में आए थे।
Published on:
02 Oct 2018 11:48 am
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