
Yes Bank Crisis: disrupts digital payments, PhonePe hit hardest
नई दिल्ली। Yes Bank Crisis में सिर्फ एटीएम और बैंकिंग सिस्टम ही डिस्टर्ब नहीं हुआ है, बल्कि यूपीआई सिस्टम भी गड़बड़ा गया है। सबसे ज्यादा परेशाली स्विगी, फ्लिपकार्ट और फोनपे, भारतपे जैसे प्लेटफॉर्म को हुई है। इसका कारण ये है कि यस बैंक इन तमाम प्लेटफॉर्म के लिए बैंक एंड पेमेंट सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म प्रोवाइड कराता है। अब यस बैंक में कई तरह के प्रतिबंध लग गए हैं, ऐसे में इन प्लेफॉर्म से किए जाने वाले यूपीआई पेमेंट नहीं हो पा रहे हैं। आपको डिजिटल पेमेंट्स पर यस बैंक पर काफी बड़ा कब्जा रहा है।
फोनपे को सबसे ज्यादा नुकसान
यूपीआई प्लेटफॉर्म फोनपे को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। फोनपे द्वारा पुष्टि करते हुए बताया कि यस बैंक पर पाबंदी के चलते अनशेड्यूल्ड मेंटनेंस एक्टिविटी चल रही है। यूजर्स की ओर से किए जा रहे पेमेंट्स लगातार रिजेक्ट होने की वजह से हो रहा है। उसके बाद फोनपे के फाउंडर समीर निगम की ओर से ट्वीट के जरिए प्लेटफॉर्म पर दिक्कतें आने की बात कही है।
आखिर क्यों आई यह समस्या
वास्तव में एनपीसीआई यानी नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ही यूपीआई और पूरी व्यवस्था को ऑपरेट करती है। वहीं यस बैंक डिजिटल सर्विस के लिए एक मुख्य बैंक एंड प्रोवाइडर बैंक है। कई प्लेटफॉर्म अपने यूपीआई पेमेंट बैक एंड के लिए यस बैंक का ही इस्तेमाल करती हैं। वहीं दूसरी ओर गूगल पे, एमआई पे, अमेजन पे और सैमसंग पर असर नहीं पड़ा है। इसका कारण है कि इन एप्स के लिए बैंक बैंकिंग पार्टनर बैंक एंड पेमेंट का सॉल्यूशन दे रहे हैं।
आखिर कितनी है यस बैैंक की डिजिटल पेमेंट्स में हिस्सेदारी
- यस बैंक में सितंबर तिमाही तक यूपीआई के माध्यम से एक बिलियन ट्रांजेक्शंस हुए थे।
- यस बैंक का यूपीआई ट्रांजेक्शन के तहत करीब 40 फीसदी का मार्केट शेयर है।
- यस बैंक का यूपीआई ट्रांजेक्शन 264.8 फीसदी की सालाना दर से बढ़ा है।
- यस बैंक के माध्यम से आईएमपीएस 60 मिलियन ट्रांजेक्शन हुआ है।
- जिसमें 80 फीसदी की एनुअल ग्रोथ देखने को मिली है।
- आधार आधारित पेमेंट सिस्टम से 103 मिलियन ट्रांजेक्शंस हुए हैं।
- इस तरह के पेमेंट ट्रांजेक्शंस में 189 फीसदी की बढ़ोतरी हुई हैै।
Updated on:
07 Mar 2020 10:31 am
Published on:
07 Mar 2020 10:28 am
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