
गरियाबंद के स्वास्थ्य अधिकारी का बड़ा कारनामा, 14 पदों पर 41 को दे दी नियुक्ति
गरियाबंद. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने गरियाबंद के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके.एस. रात्रे को निलंबित कर दिया है। उनपर गलत ढंग से नियुक्ति आदेश जारी करने का आरोप है।
स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव सुनील नारायणिया ने बताया कि स्वास्थ्य संचालनालय ने 2016 में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) के 396 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। उसमें से अनुसूचित जनजाति वर्ग के केवल 14 पद गरियाबंद जिले के लिए थे। लेकिन, गरियाबंद सीएमएचओ ने 41 की नियुक्ति आदेश जारी कर दिए।
इसके लिए उन्होंने शासन से अनुमति भी नहीं ली। विभागीय जांच के बाद डॉ. रात्रे का निलंबन आदेश जारी किया गया है। अतिरिक्त भर्तियों के भविष्य का फैसला बाद में होगा।
कांग्रेसी इस मामले में कार्रवाई करने सहित रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर भी बैठ चुके हैं। 27 अतिरिक्त पदों पर नियुक्ति की शिकायत के बाद स्वास्थ्य संचालनालय से हुई जांच में इस बात की पुष्टि हो गई कि रात्रे द्वारा 27 अतिरिक्त पदों की नियुक्ति शासन से बिना अनुमति के की गई है।
जारी आदेश में बताया गया है कि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, महिला के 14 पद के लिए 18 जुलाई 2016 को शासन स्तर पर भर्ती की अनुमति दी गई थी, लेकिन सीएमएचओ समेत अन्य जिम्मेदारों ने मिलीभगत कर 14 के बजाए 27 अतिरिक्त समेत 41 पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिया। हालांकि निलंबित मामले से अनभिज्ञ सीएमचओ इस मामले को कोरी अफवाह बता रहे हैं।
माना जा रहा है कि अब तक जिला प्रशासन के पास रात्रे के निलंबन के आदेश की कॉपी नहीं पहुंची है। इसके चलते वे अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं। आपको बता दें कि इन अतिरिक्त आदेश वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों पर आने वाले समय में कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही उनके द्वारा शासन से लिए गए वेतन की वसूली भी संभावना जताई जा रही है।
मुद्दे को लगातार पत्रिका ने उठाया
अपने प्रभार लेने के बाद से ही सीएमएचओ रात्र चर्चा में रहे। आज एएनएम भर्ती में गड़बड़ी करने के मामले में निलंबित कर दिया। ज्ञात हो की इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने गारियाबंद में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के सामने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था। कार्रवाई नहीं होने पर गांधी मैदान पर भूख हड़ताल में बैठ कई दिनों का उपवास किया। इसके बाद से मामला तूल पकड़ता गया। मामले को पत्रिका ने लगातार उठाया है।
इन मुद्दों को लेकर रहे चर्चा में
- 14 की जगह 27 अतरिक्त पदों की भर्ती बिना विधिवत अनुमति के की
- गारियाबंद में प्रभार लेने के बाद कई महीनों तक सरकारी वाहन में अपने गृह ग्राम महासमुन्द किया आना जाना।
- अधीनस्थ कुछ कर्मचारियों के साथ लगातार विवाद
- सीनियर और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने इनकी कार्यशैली पर उठाए थे सवाल
- जनप्रतिनिधियों और लोगों में भी इनके खिलाफ था आक्रोश
Published on:
1 Jun 2018, 6:51 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.