दो बच्चियों को पिंडदान करते देख भावुक हुए लोग, कोरोना ने छीना पिता का साया

- दुर्ग की रहने वाली 2 बेटियां अपने पिता का तर्पण करने घाट पहुंची थी. बच्चियों के पिता की मौत 9 अप्रैल को कोरोना से हुई थी.

By: Bhupesh Tripathi

Published: 20 Apr 2021, 12:53 AM IST

रायपुर : कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत की संख्या तेजी से बढ़ रही है. आलम ये है कि श्मशान घाट भर चुके हैं. हर दिन मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए नंबर लगाए जाते हैं. अभनपुर के गोबरा नवापारा में महानदी में तर्पण और पिंडदान करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसी दौरान कई ऐसे लोग भी देखने को मिल रहे हैं, जिनके बारे में जानकर दिल बैठ जाता है. दुर्ग की रहने वाली 2 बेटियां अपने पिता का तर्पण करने घाट पहुंची थी. बच्चियों के पिता की मौत 9 अप्रैल को कोरोना से हुई थी.

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बच्चियों को देखकर भावुक हुए लोग
पिंडदान स्थल के पास सब्जी बाजार में दो बच्चियों को देख वहां मौजूद लोगों के आंखों में आंसू भर आए. दुर्ग की रहने वाली 14 और 19 साल की दो बहनें अपने पिता का पिंडदान करने पहुंची थी. दोनों बहनों ने 9 अप्रैल को अपने पिता को खो दिया था. घर में बेटा नहीं होने की वजह से दोनों बहनों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पिता की मोक्ष के लिए पूजा की.

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कोरोना संक्रमण ने ऐसे ही कितने परिवारों को उजाड़ दिया. हर दिन घाट में लोग अपनों को अंतिम विदाई देने पहुंचते हैं. कोरोना की चपेट में आकर राजधानी में अब तक 1632 लोगों की मौत हो चुकी है. हर रोज श्मशान घाटों में भीड़ देखकर कलेजा बैठ रहा है. अस्पताल में संक्रमित मरीजों के परिजन भटक रहे हैं.

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Bhupesh Tripathi
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