25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वरिष्ठ भाजपा नेता की बेटी और दामाद की गाड़ी अचानक पहाड़ों पर आई बाढ़ में बही, घूमने गए थे उत्तराखंड

नेशनल हाईवे-309 पर अचानक बरसाती नाले में बाढ़ आई बाढ़, देखते ही देखते तेज बहाव में बहने लगी कार।

2 min read
Google source verification
ghaziabad2.jpg

गाजियाबाद. उत्तराखंड में पहाड़ों पर घूमने गए भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय गुप्ता के बेटी-दामाद बाल बाल बचे हैं। बताया जा रहा है कि रामनगर घूमने के दौरान जैसे ही उनकी गाड़ी 4 सितंबर को रानीखेत को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-309 पर पहुंची तो वहां से निकलने वाले बरसाती नाले में अचानक बाढ़ आ गई। देखते ही देखते उनकी कार पानी के तेज बहाव में बहने लगी। इसी बीच आसपास मौजूद लोग उन्हें बचाने को दौड़ पड़े और कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में फंसे पूरे परिवार को गाड़ी का शीशा तोड़कर बाहर निकाला। हालांकि इस दौरान कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।

जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के भाजपा नेता एवं वरिष्ठ समाजसेवी अजय गुप्ता की बेटी और दामाद और उनके बच्चे पहाड़ों पर घूमने के लिए गए हुए थे। उधर पहाड़ों पर इन दिनों जमकर बारिश हो रही है। पहाड़ों के नाले पूरी तरह से लबालब नजर आ रहे हैं। रामनगर से जाने वाली रानीखेत रोड पर नेशनल हाईवे-309 मे रिगोंड़ा के पास नाले मे अचानक बाढ़ आ गई, जिससे एक कार बह गई। बताया जा रहा है की कार के बहते ही कार का एयर बैग भी खुल गया और गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।

यह भी पढ़ें- यूके में मूसलाधार बारिश मचा रही तबाही, यूपी के इन जिलों में भी 48 घंटे का अलर्ट जारी

पीड़ित परिवार ने बताया कि जब उनकी गाड़ी सड़क पर जा रही थी तो अचानक ही बीच में एक छोटा नाला था। वहां से तमाम वाहन निकलते हैं और अन्य वाहनों की तरह उन्होंने भी अपनी गाड़ी को उसी जगह से निकालने का प्रयास किया। लेकिन, अचानक ही नाले में तेज बहाव आया और गाड़ी को वह बहाकर ले गया। उन्होंने बताया कि जिस तरह से स्थानीय लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित निकाला। सभी लोग उनके लिए भगवान हैं।साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि यदि किसी को पहाड़ों पर घूमने जाना है तो बरसात के मौसम में पहाड़ पर घूमने का प्रोग्राम ना बनाएं। क्योंकि पहाड़ों पर सबसे ज्यादा खतरा बारिश के मौसम में होता है। स्थानीय पहाड़ी लोगों को पूरी जानकारी होती है। जबकि अन्य लोगों को रास्तों की भी पूरी जानकारी नहीं होती है।

यह भी पढ़ें- यमुना एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा, एम्बुलेंस चालक की मौत