
गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके में आवास विकास द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा की मांग को लेकर पिछले 5 साल से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी थी, इसके लिए बाकायदा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र द्वारा अवगत कराया गया था। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर बुधवार सुबह ही किसानों ने समाधि लेने के लिए बनाए गए गड्ढों में खुद लेट गए। हालांकि मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके ऊपर मिट्टी नहीं डालने दी।
पांच साल से धरने पर हैं किसान
लोनी में आवास विकास द्वारा मंडोला विहार आवास योजना के तहत छह गांव की करीब 2614 एकड़ जमीन अधिग्रहण की थी। उसके बाद पिछले 5 वर्षों से छह गांव के किसान बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर लगातार आवास विकास के मंडोला विहार आवास योजना के कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। इस बीच कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता हुई लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया।
समस्या का समाधान नहीं होने तक नहीं हटेंगे किसान
पिछले दिनों किसानों ने मांगे ना माने जाने पर शासन और प्रशासन को जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से मिल कर बात करने की भी कोशिश की। लेकिन किसानों ने मांग पूरी ना होने तक धरना खत्म ना करने की बात कहते हुए जिंदा समाधि लेने के लिए गड्ढे खोदे और उन गड्डों में लेट गए। किसानों की मांग है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता है यहां से नहीं हटेंगे।
धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात
उधर सुरक्षा की दृष्टि से किसानों के धरना स्थल पर भारी सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है। लेकिन गड्ढे में लेट रहे किसानों को सुरक्षाबलों के द्वारा नहीं हटाया गया है। गड्ढों में लेटे किसानों का कहना है कि वह जिंदा समाधि लेंगे। लेकिन मौके पर सुरक्षाकर्मी इन गड्ढों में लेटे हुए किसानों के ऊपर मिट्टी भरने से रोकने के लिए तैयार खड़े हुए हैं।
Published on:
15 Sept 2021 03:20 pm
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