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दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले शूटरों का पाकिस्तानी कनेक्‍शन, अतीक-अशरफ हत्याकांड की ताजा हो गईं यादें

Ghaziabad Encounter: अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास पुलिस को जिगाना पिस्टल मिली है। जिगाना पिस्टल तुर्की में बनाई जाती है। यह पिस्टल पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत भेजी जाती है।
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गाज़ियाबाद

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Vishnu Bajpai

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Updated: 18 Sep 2025, 3:11 PM IST

Ghaziabad encounter in firing case actress Disha Patni house STF Jigana pistol recover

गाजियाबाद में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों का एनकाउंटर।

Ghaziabad Encounter: अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर हाल ही में हुई गोलीबारी के मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब इस वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटरों को गाजियाबाद में एक मुठभेड़ के बाद मार गिराया गया। पुलिस ने इन शूटरों के पास से एक जिगाना पिस्टल बरामद की, जिसने इस मामले में पाकिस्तान और नेपाल के सीधे कनेक्शन का खुलासा किया है। यह मुठभेड़ यूपी एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद जिगाना पिस्टल तुर्की में बनती है, जो भारत में आसानी से उपलब्ध नहीं होती। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस तरह की पिस्टल अक्सर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा नेपाल के रास्ते भारत में भेजी जाती हैं। यही वजह है कि अब खुफिया एजेंसियों ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

अतीक-अशरफ हत्याकांड की ताजा हो गईं यादें

कुख्यात माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में की गई हत्या के दौरान भी जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा पिछले साल नोएडा में एक एयरलाइन क्रू मेंबर की हत्या में जिगाना पिस्टल इस्तेमाल की गई थी। इनकी कीमत ₹5 लाख से ₹8 लाख तक होती है, लेकिन गैंगस्टर इसके लिए दोगुनी कीमत चुकाने को भी तैयार रहते हैं। ये पिस्टल दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंगस्टर्स समेत लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की पहली पसंद बन गई हैं।

जिगाना की खासियत और गैंगस्टरों की पसंद

जिगाना पिस्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कभी जाम नहीं होती और एक बार में 15 से 17 राउंड फायर कर सकती है। यही वजह है कि यह गैंगस्टरों के बीच इतनी लोकप्रिय है। तुर्की की टिसास ट्रैबजेन आर्म्स इंडस्ट्री कॉर्प पिछले 22 सालों से जिगाना सीरीज़ की पिस्तौल बना रही है। यह एक 8.6 इंच की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल है, जो कई मायनों में ख़ास है और आसानी से उपलब्ध नहीं होती। यह 9एमएम की पिस्तौल है जिसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह एक मैगज़ीन में 15 राउंड तक फ़ायर कर सकती है। इस पिस्तौल को लिमिटेड इस्तेमाल के लिए बनाया जाता है और इसे सिर्फ़ सुरक्षा कंपनियों और तुर्की सेना को बेचा जाता है। कंपनी का दावा है कि यह किसी भी यूरोपियन पिस्तौल की नकल नहीं है।

भारत में प्रतिबंधित है जिगाना पिस्टल

भारत में जिगाना पिस्तौल पर प्रतिबंध है और यह अवैध तस्करी के ज़रिए देश में आती है। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए भारत पहुंचती है। फिलहाल इस पिस्तौल का इस्तेमाल मलेशिया और अज़रबैजान की सेनाओं के साथ-साथ फिलीपींस पुलिस और अमेरिकी कोस्ट गार्ड भी करते हैं। जिगाना पिस्तौल में ब्राउनिंग टाइप लॉकिंग सिस्टम है, जो इसे शक्तिशाली बनाता है। मॉडर्न फायर आर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, ज़िगाना एम16 इसका सबसे ओरिजिनल मॉडल है। इस पिस्तौल से निकलने वाली गोली एक सेकंड में 350 मीटर की दूरी तय कर सकती है, जो इसे दूसरी पिस्तौलों से अलग बनाती है। दिल्ली पुलिस ने मार्च 2020 में जब गैंगस्टर गोगी और उसके साथियों को पकड़ा था तो उनके पास से भी तीन जिगाना पिस्टल बरामद हुई थीं।

2500 सीसीटीवी कैमरों से शूटरों तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। दिशा पाटनी के घर पर दो अलग-अलग दिन, 11 और 12 सितंबर को, फायरिंग की गई थी। दोनों ही दिन दो-दो शूटर अलग-अलग बाइक पर आए थे। पुलिस को बदमाशों के चेहरे तो फुटेज में दिख गए, लेकिन उनकी पहचान करना मुश्किल था। हालांकि, एक मुख्य शूटर के लाल जूते पुलिस के लिए मददगार साबित हुए। पुलिस के अनुसार, बरेली के सिविल लाइंस स्थित अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर 12 सितंबर की सुबह 3:33 बजे हुई फायरिंग के बाद यूपी पुलिस सक्रिय हुई।

फायरिंग के बाद पंजाब होटल में रुके थे आरोपी

पूछताछ में एक पड़ोसी ने बताया कि 11 सितंबर की सुबह 4:15 बजे भी एक गोली चली थी। फुटेज की जांच करने पर पता चला कि 12 सितंबर को सफेद अपाचे बाइक और 11 सितंबर को काली सुपर स्प्लेंडर बाइक का इस्तेमाल किया गया था। फुटेज का पीछा करते हुए पुलिस ने पाया कि फायरिंग के बाद चारों बदमाश पंजाब होटल में रुके थे। जब घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, तो नकुल और विजय स्प्लेंडर से आगे चले गए, जबकि अरुण और रविंद्र रामपुर के धमोरा स्थित अपने पंजाब होटल में रुक गए। इन दोनों को ही गाजियाबाद में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। पुलिस अब फरार शूटरों की तलाश में जुटी हुई है।

एसटीएफ ने गाजियाबाद में ढेर कर दिया

दोनों आरोपियों की पहचान रविंद्र (रोहतक) और अरुण (सोनीपत) के रूप में हुई है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने 17 सितंबर को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में इन आरोपियों का एनकाउंटर किया, जिसमें वे ढेर हो गए। बताया जा रहा है कि इन आरोपियों का संबंध रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग से था। इस मामले में दिशा पाटनी के पिता जगदीश सिंह पाटनी (रिटायर्ड डीएसपी) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की थी, जिन्होंने उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया था और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और पड़ोसी राज्यों के क्राइम रिकॉर्ड की मदद से इन शातिर बदमाशों की पहचान की थी।

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