13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना वायरसः मास्क की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में मेडिकल स्टोर और फैक्ट्री सील

Highlights- Coronavirus के नाम कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासनिक अधिकारियों की छापेमारी- सैनिटाइजर और मास्क पर प्रिंट रेट से ऊंचे दामों पर बेचने वाला मेडिकल स्टोर कराया बंद- अवैध मास्क बनाने वाली फैक्ट्री पर भी लगाई सील

2 min read
Google source verification
gzb.jpg

गाजियाबाद. कोरोना वायरस (Coronavirus) के नाम पर कुछ मेडिकल स्टोर संचालक सैनिटाइजर (Sanitizer) और मास्क (Masks) को निर्धारित दामों से भी ज्यादा दामों पर बेच रहे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। शहर से लेकर देहात तक प्रशासन ने शनिवार को पड़ताल करते हुए छापेमारी की। इस कार्यवाही के दौरान एक मेडिकल स्टोर (Medical Store) का ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उसे बंद कराया गया। वहीं, लोनी इलाके में अवैध रूप से चल रही एक मास्क बनाने वाली कंपनी को भी सील कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस के खौफ के कारण लोग मास्क और सैनिटाइजर इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ये काफी अधिक दरों पर मिल रहे हैं। इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को मिली थी, जिसके बाद यह बड़ी कार्यवाही की गई है।

यह भी पढ़ें- अब स्कूलों में बच्चाें काे पढ़ाया जाएगा corona virus से बचने का पाठ

बता दें कि शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की और ग्राहक बनकर सैनिटाइजर एवं मास्क खरीदे। इस प्रक्रिया में खुद सिटी मजिस्ट्रेट शिव प्रताप शुक्ला और डिप्टी कलेक्टर प्रशांत तिवारी मालीवाड़ा स्थित शुभम मेडिकल स्टोर पर ग्राहक बनकर पहुंचे और उन्होंने वहां से मास्क खरीदा तो जो मास्क 25 रुपये का था उन्हें वह मास्क ढाई सौ रुपये में दिया गया। यानी रेट से 10 गुना ज्यादा दाम उनसे वसूले गए। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से मेडिकल स्टोर का ड्रग लाइसेंस रद्द करते हुए स्टोर बंद करा दिया। इसके बाद अधिकारी प्रदीप मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। जहां उन्होंने सैनिटाइजर खरीदा। यहां भी उनसे सैनिटाइजर पर प्रिंट दाम से ज्यादा पैसे वसूले गए। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर ने सैनिटाइजर के नकली होने की आशंका जताई और उस सैनिटाइजर का मेडिकल स्टोर संचालक से बिल मांगा तो वह बिल भी प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसका सैंपल भरकर जांच के लिए भेजा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की छापेमारी लगातार जारी रहेगी, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके।

वहीं, दूसरी तरफ एडीएम खालिद अंजुम ने बताया कि श्याम नगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्लॉट नंबर-3 पर शालिनी अरोड़ा नाम की महिला द्वारा टॉप इंडस्ट्री के नाम से मास्क बनाए जा रहे थे। शनिवार को छापेमारी की गई और उनसे लाइसेंस मांगा गया तो पता चला कि यह इकाई बिना लाइसेंस के ही संचालित की जा रही थी, जिसे तत्काल प्रभाव से सील किया गया है।

यह भी पढ़ें- Corona virus: स्वास्थ्य विभाग ने मांगी प्राईवेट हॉस्पिटल की सूची और उनमें सुविधाओं का ब्याैरा