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अब महज एक रुपये में होगा एमआरआई, योगी सरकार ने लगाई प्रस्ताव पर मुहर

MRI scan in just one rupee : गाजियाबाद के जिला अस्पताल में जल्द ही महज एक रुपये में एमआइआई की सुविधा दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 दिन के अंदर एमआरआई मशीन स्थापित की जाएगी। सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि इस मशीन की अनुमानित कीमत 10 करोड़ है। इसके संचालन के लिए स्टाफ की नियुक्ति व प्रशिक्षण की तैयारी शुरू कर दी गई है।

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MRI scan in just one rupee : दिल्ली से सटे गाजियाबाद के जिला अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बेहद राहत वाली खबर है। अब यहां पर इलाज कराने वाले मरीज को एमआरआई कराने के लिए बाहर की लैब जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला अस्पताल में ही एमआइआई की सुविधा दी जाएगी और वह भी महज एक रुपये में। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 दिन के अंदर एमआरआई मशीन जिला अस्पताल में स्थापित किए जाने की संभावना है। सीएमएस ने बताया कि इस मशीन की अनुमानित कीमत 10 करोड़ है। इसके संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट और अन्य स्टाफ की नियुक्ति व प्रशिक्षण की तैयारी शासन स्तर से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले संयुक्त अस्पताल में सीटी स्कैन और निःशुल्क डायलसिस की भी व्यवस्था है।

सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि जिला एमएमजी अस्पताल में रोजाना करीब दो हजार मरीज आते हैं। इनमें से तमाम मरीज का अल्ट्रासाउंड, खून की जांच और एक्स-रे होता है और कुछ मरीजों का ओपीडी में ही जांच कर उपचार किया जाता है। इनमें से कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं, जिन्हें एमआरआई कराने की आवश्यकता पड़ती है। अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं होने के कारण मरीज को बाहर की लैब में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने शासन को इसका प्रस्ताव भेजा था, जिसकी स्वीकृति शासन से मिल गई है। अगले 10 दिन के अंदर ही एमआरआई मशीन मिलने की संभावना है।

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विभिन्न योजनाओं पर चल रहा काम

उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सुगम और उचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें, इसके लिए कई तरह की योजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में टेलीमेडिसिन अब स्थापित करने के लिए दूरसंचार विभाग की टीम भी दौरा कर चुकी है। जिसके तहत इंटरनेट नेटवर्क के लिए 45 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इंटरनेट नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इन स्थानों के अलावा पैथोलॉजी लैब ओपीडी का एक्स-रे इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड और सीएमएस कार्यालय को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि एक हब के लिए तीन कम्प्यूटर, तीन चिकित्सक और अन्य स्टाफ का इंतजाम होगा। इंटरनेट का खर्च अलग से मिलेगा।

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शरीर की तमाम बीमारियों का चल जाता है पता

सीएमएस ने बताया कि एमआरआई में शरीर के अंदर की विस्तृत छवियों का उत्पादन करने के लिए मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग होता है। मरीज को इस मशीन के अंदर ले जाने के बाद शरीर की तमाम तरह की बीमारियों के बारे में और उनके लक्षण के बारे में जानकारी हो जाती है। उसके बाद मरीज का उपचार भी सही समय पर उचित दवाओं के माध्यम से किया जा सकता है।