
34 निकायों में ऑनलाइन संपत्तिकर की होगी वसूली, विभाग ने जारी की सख्त हिदायत
गाजियाबाद. कोरोना वायरस महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। नगर निगम ने इस वित्त वर्ष प्रॉपर्टी और गृह कर नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। बता दें कि पहले नगर निगम ने 10 फीसदी कर बढ़ाने का अनुमोदन किया था, लेकिन महापौर आशा शर्मा ने कर बढ़ाने के निर्णय को स्थगित कर दिया है। इसका लाभ गाजियाबाद नगर निगम 4.5 लाख करदाताओं को मिलेगा। वहीं करदाताओं को पिछले साल के हिसाब से ऑनलाइन कर जमा करने में भी 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
दरअसल, गाजियाबाद नगर निगम की बोर्ड बैठक के दौरान इस वित्तीय वर्ष में गृह और संपत्ति कर 10 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को पास किया गया था। इस हिसाब से एक अप्रैल से लोगों को बढ़ी दर के अनुसार कर जमा करना था, लेकिन कोरोना की वजह जारी लॉकडाउन में बाजार, दुकानें, रेस्टोरेंट, मॉल, और फैक्टरी आदि सभी बंद पड़े हैं। लॉकडाउन के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इसके चलते उनकी आय पर भी फर्क पड़ना तय है।लोगोंं की इसी परेशानी को देखते हुए महापौर आशा शर्मा ने कर में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के निर्णय को वापस ले लिया है। आशा शर्मा ने सदन से अनुमोदन की प्रत्याशा में 10 प्रतिशत प्रॉपर्टी व गृह कर के फैसले को स्थगित कर दिया है।
महापौर आशा शर्मा ने बताया कि संकट की इस घड़ी में लोगों पर कर का अधिक बोझ नहीं डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि कर नहीं बढ़ने से नगर निगम को आर्थिक नुकसान जरूर झेलना होगा, लेकिन अन्य मदों से इसकी भरपाई की जाएगी। इस वित्तीय वर्ष में लोग पहले की तरह ही कर चुकाएं।
ऑनलाइन जमा करने पर छूट
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र का कहना है कि एक अप्रैल से 21 अगस्त तक ऑनलाइन कर जमा करने वालों को 20 फीसदी छूट मिलेगी। वहीं एक से 30 सिंतबर तक 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसी तरह एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक 10 प्रतिशत की मिलेगी। वहीं एक दिसंबर से एक जनवरी तक पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। नगर आयुक्त का कहना है कि फिलहाल घरों में बिल नहीं भेजे जा रहे हैं। नगर निगम लोगों से ऑनलाइन बिल जमा करने की अपील करता है।
Published on:
26 Apr 2020 01:48 pm
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