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Firecrackers Ban: दीवाली से पहले एनसीआर में पटाखों की खरीद और बिक्री पर बैन, पकड़े जाने पर होगा इतना जुर्माना

Ghaziabad news: सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली से पहले दिल्ली एनसीआर में पटाखों की खरीद और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। जिन जिलों में पटाखों की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा है, उनमें यूपी के मेरठ,गाजियाबाद और नोएडा भी शामिल हैं।

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Firecrackers Ban: दिवाली से पहले एनसीआर में पटाखों की खरीद और बिक्री पर  बैन, पकड़े जाने पर होगा इतना जुर्माना

Firecrackers Ban: दिवाली से पहले एनसीआर में पटाखों की खरीद और बिक्री पर बैन, पकड़े जाने पर होगा इतना जुर्माना

Ghaziabad News: दिवाली आने के पहले एनसीआर में पटाखों की खरीद और बिक्री पर फिर से सख्ती शुरू हो गई है। इस बार भी दीवाली पर पटाखों की बिक्री और खरीद पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है। दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री, निर्माण या भंडारण के लिए लाइसेंस देने के खिलाफ लिस को निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य दिवाली के साथ ठंड के मौसम के दौरान प्रदूषण के स्तर को कम करना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) ने एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण, ऑनलाइन बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।

चार साल से पटाखों पर है बैन
दिल्ली-एनसीआर में पिछले चार साल से पटाखों पर प्रतिबंध लागू है। पिछले चार साल से सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगता आ रहा है। उससे पहले पटाखों के धुंए से हुए प्रदूषण से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। पिछले चार साल में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसलिए इस साल भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

इतना लगेगा जुर्माना
सरकार ने पिछले साल घोषणा की थी कि शहर में दीपावली पर पटाखे जलाने पर छह महीने की जेल हो सकती है। इसी के सथ 200 रुपए का जुर्माना लगेगा। कहा गया है कि एनसीआर में पटाखों का उत्पादन, भंडारण और बिक्री करना विस्फोटक अधिनियम की धारा 9B के तहत दंडनीय होगा। ऐसा करने पर 5,000 रुपए का जुर्माना और तीन साल की जेल हो सकती है।


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पटाखों से खराब होता है AQI
सर्दियों के आगमन के साथ प्रदूषण बढ़ जाता है। दिल्ली एनसीआर का AQI जनवरी और अगस्त के बीच कम रहता है। अक्टूबर में जैसे-जैसे सर्दियां बढ़ती हैं, पार्टिकुलेट मैटर (PM) बढ़ना शुरू होता है। जो वातावरण में जमा होता है। जिससे स्थानीय और बाहरी दोनों प्रदूषण स्रोतों के कारण पर्यावरण विषाक्त हो जाता है।