
एनकाउंटर में मारा गया सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी | फोटो सोर्स- patrika.com
Surya Murder Case Update: 'सूर्या नहीं आएगा क्या…?' यह सवाल गाजियाबाद के खोड़ा में रहने वाले एक बीमार भाई का है, जो रोते-रोते बार-बार दरवाजे की तरफ देख रहा है। भाई की मौत के सदमे में डूबा यश चौहान कभी दरवाजे की तरफ देखता है, तो कभी खुद ही दबी जुबां में रोते हुए कहता है, 'सूर्या चला गया…'। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के 5 दिन बीत जाने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। जहां एक तरफ सूर्या के बीमार बड़े भाई यश चौहान का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। आज 5वें दिन भी खोड़ा का मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहा और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
सूर्या चौहान का परिवार पिछले पांच साल से खोड़ा में किराए के मकान पर रह रहा है। मकान मालिक ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले सूर्या के पिता की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। पिता के जाने के सदमे से बड़ा भाई यश चौहान इस कदर टूटा कि उसकी तबीयत खराब रहने लगी। उसे अक्सर दौरे पड़ने लगते हैं और उसका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है। घर की पूरी जिम्मेदारी सूर्या पर ही थी। मां सरोज बार-बार बेहोश होकर यही कह रही हैं कि जो बेटा कमाने वाला और पूरे घर का सहारा था, वही चला गया।
खोड़ा के स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सोमवार को सूर्या की अस्थियां हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित की गईं। इसके बाद घर के बाहर सूर्या की फोटो रखकर लोगों ने उसे श्रद्धांजलि दी। गुस्साए लोगों और व्यापारियों का कहना है कि पुलिस एनकाउंटर में मुख्य आरोपी तो मारा गया, लेकिन सिर्फ इतना काफी नहीं है। इस घटना में जितने भी लोग शामिल थे, उन सभी के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए। लोगों का कहना है कि दुकान तो बाद में खोलेंगे, पहले सूर्या को पूरा इंसाफ मिलना चाहिए।
सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने पूरे खोड़ा क्षेत्र को छावनी में बदल दिया है। मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सूर्या के घर के आसपास के इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात है। सुरक्षा के लिए 400 से ज्यादा पुलिस जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। मुख्य रास्तों पर पुलिस ने बैरियर लगा दिए हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद किसी की भी दुकान खोलने की हिम्मत नहीं हो रही है। डर की वजह से हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों के व्यापारियों की दुकानें बंद हैं। दुकानदारों की मांग है कि बाजार में पुलिस की सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि आगे कोई ऐसी वारदात न कर सके।
Updated on:
3 Jun 2026, 6:57 PM IST
Published on:
2 Jun 2026, 10:07 AM IST
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