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क्या पीयूष राय गाजीपुर लोकसभा सीट से होंगे BJP उम्मीदवार , जानिए कौन हैं पीयूष

बीते दिनों बांदा जेल में बंद कुख्यात माफिया डॉन की हार्ट अटैक से हुई मौत के बाद अब गाजीपुर सीट को लेकर BJP में चर्चा तेज हो गई है। BJP भी मुख्तार की मौत के बाद अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रखने वाली योगी सरकार जनता को आश्वस्त करना चाहती है की प्रदेश में माफियागिरी बर्दास्त नही है। इसी बीच स्वर्गीय कृष्णा नंद राय के बेटे पीयूष राय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के बाद गाजीपुर लोकसभा सीट से चर्चा गर्म हो रही है।

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क्या पीयूष राय गाजीपुर लोकसभा सीट से होंगे BJP उम्मीदवार , जानिए कौन हैं पीयूष

क्या पीयूष राय गाजीपुर लोकसभा सीट से होंगे BJP उम्मीदवार , जानिए कौन हैं पीयूष

माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद बीजेपी के विधायक स्वर्गीय कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय से यूपी के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। पीयूष राय ने इसकी तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है, जिसके बाद गाजीपुर सीट को लेकर कयास लगने लगे हैं।

कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय ने सीएम योगी से मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि 'महाराज जी से मुलाकात कर लोकसभा चुनाव का मार्गदर्शन प्राप्त किया।ये तस्वीरें सामने आने के बाद पीयूष राय को ग़ाज़ीपुर लोकसभा सीट से बीजेपी का टिकट दिए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

समाजवादी पार्टी ने गाजीपुर लोकसभा सीट से मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को टिकट दिया है।जबकि बीजेपी अभी तक गाजीपुर से अपने प्रत्याशी का एलान नहीं कर पाई है।अफजाल अंसारी सपा के मजबूत कैंडिडेट हैं।भाजपा अगर पीयूष राय को इस सीट पर उतारती हो तो यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है।

मुख़्तार अंसारी की मौत के बाद कृष्णानंद राय के परिवार ने जश्न मनाया था। उनके घर पर जमकर आतिशबाजी की गई थी। यही नहीं अगले दिन उनकी पत्नी अलका राय और बेटे पीयूष राय ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा के दर्शन भी किए थे। इस दौरान पीयूष राय ने कहा था कि उन्हें बाबा ने न्याय दे दिया है।

मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय के परिवार की बीच पुरानी अदावत रही है।कृष्णानंद राय ने साल 2002 को विधानसभा चुनाव में मुख़्तार के भाई अफजाल को चुनाव में हरा दिया था। जिसके बाद मुख्तार अंसारी बुरी तरह बिफर गया था। इस हार का बदला लेने के लिए मुख्तार अंसारी के गैंग ने साल 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस दौरान करीब 500 राउंड फायरिंग की गई थी। कृष्णानंद राय की हत्या के बाद पूर्वांचल में सियासी हड़कंप मच गया था। इस मामले में सबूत नहीं मिलने की वजह से मुख़्तार अंसारी को बरी कर दिया गया था।