
सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI
Gonda News: गोंडा के करनैलगंज क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के ड्राई राशन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कंजेमऊ गांव के केंद्रों पर तीन माह का दाल, तेल और दलिया नहीं पहुंचाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों और स्वयं सहायता समूह पर मिलीभगत कर राशन के गबन का आरोप लगाया था। न्यायालय के आदेश के बाद करनैलगंज पुलिस ने जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
गोंडा जिले के करनैलगंज क्षेत्र के कंजेमऊ गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों के ड्राई राशन को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि केंद्रों पर तीन महीने तक दाल, तेल और दलिया नहीं पहुंचाया गया। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर करनैलगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) संजय कुमार समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य का नाम भी रिपोर्ट में शामिल है। इसके अलावा बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) महेंद्र वर्मा और प्रभारी गोदाम कृष्णदेव को भी आरोपी बनाया गया है। गुलाब स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष आरती वर्मा को भी मामले में नामजद किया गया है।
शिकायत के अनुसार, कंजेमऊ गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मिलने वाले ड्राई राशन में जुलाई 2024 के दौरान अनियमितता की बात सामने आई थी। आरोप लगाया गया कि तीन माह का दाल, तेल और दलिया केंद्रों तक नहीं पहुंचा। शिकायतकर्ता ने इस मामले में अधिकारियों और स्वयं सहायता समूह के लोगों की मिलीभगत का आरोप लगाया। मामले की जानकारी जुटाने के लिए शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत राशन के उठान और वितरण से जुड़े अभिलेख भी मांगे थे। आरोप है कि मांगी गई पूरी सूचना उपलब्ध कराने के बजाय शिकायतकर्ता से शुल्क जमा करने को कहा गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बाद करनैलगंज पुलिस ने संबंधित धाराओं में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब राशन के उठान, गोदाम से निकासी और आंगनबाड़ी केंद्रों तक वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी। साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि राशन वास्तव में केंद्रों तक पहुंचा था या नहीं। फिलहाल पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Updated on:
30 Aug 2026 08:59 am
Published on:
30 Aug 2026 08:59 am
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