
सांकेतिक फोटो- पत्रिका
Gonda Crime: गोंडा के परसपुर क्षेत्र में पांच साल पहले हुई 8 साल के मासूम दीपांशु की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 27 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायालय ने उसके चचेरे भाई दुर्गेश यादव को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दीपांशु का शव गन्ने के खेत में मिला था।
गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के पंडितपुरवा (पसका) गांव में नवंबर 2021 में हुई मासूम की हत्या के मामले में पांच साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश दानिश हसनैन की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए दीपांशु के चचेरे भाई दुर्गेश यादव को सश्रम आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही उस पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला 22 नवंबर 2021 का है। उस दिन पंडितपुरवा गांव के पास गन्ने के खेत में 8 साल के बच्चे का शव मिला था। शव मिलने की खबर से गांव में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान दीपांशु के रूप में हुई। इसके बाद उसके परिजन ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने राजेंद्र यादव की लिखित तहरीर के आधार पर परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को हत्या के पीछे दीपांशु के ही चचेरे भाई दुर्गेश यादव की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक, दीपांशु ने दुर्गेश को उसकी प्रेमिका के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उसे डर था कि यह बात परिवार के लोगों को पता चल जाएगी।
आरोप है कि इसी बात को लेकर दुर्गेश ने दीपांशु को अपने घर बुलाया। वहां उसने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। ताकि घटना का पता आसानी से न चल सके। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दुर्गेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामला अदालत में पहुंचने के बाद लगातार सुनवाई चलती रही। पुलिस की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी की गई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत इस केस की भी लगातार निगरानी की गई। पुलिस के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल, लोक अभियोजक अमित पाठक, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद और थाना परसपुर के पैरोकार कांस्टेबल शशिकांत की प्रभावी पैरवी से अदालत में अभियोजन पक्ष अपना पक्ष मजबूती से रख सका।
आखिरकार 27 अगस्त 2026 को अदालत ने दुर्गेश यादव को हत्या के मामले में दोषी ठहराया और उसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पांच साल बाद आए इस फैसले से मासूम दीपांशु के परिवार को न्याय की उम्मीद मिली है।
Updated on:
27 Aug 2026 06:35 pm
Published on:
27 Aug 2026 06:35 pm
