
ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठे लोग फोटो सोर्स पत्रिका
Gonda Protest: गोंडा जिले के आर्यनगर क्षेत्र में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर लोगों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र नेता अंकित शुक्ला की अगुवाई में रुपईडीह ब्लॉक परिसर में पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर विरोध जताया और धरना स्थल पहुंचे तहसीलदार को ज्ञापन लेने से पहले ही वापस लौटा दिया।
गोंडा जिले के मंडल मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर रुपईडीह ब्लॉक परिसर में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन का नेतृत्व छात्र नेता अंकित शुक्ला कर रहे हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने आर्यनगर कस्बे में रैली निकालकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रैली के बाद सभी लोग फिर से धरना स्थल पर पहुंच गए। और आंदोलन जारी रखा। इसी दौरान धरना स्थल पर तहसीलदार सदर मनीष कुमार पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तहसीलदार ने कार्रवाई की बात कहने पर प्रदर्शनकारी भड़क गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वे अपना ज्ञापन सिर्फ जिलाधिकारी को ही सौंपेंगे। इसी वजह से तहसीलदार को बिना ज्ञापन दिए वापस लौटा दिया गया। धरना दे रहे लोगों का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और जनता के अधिकारों के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आर्यनगर चौराहे पर गोल चौराहे का निर्माण, आर्यनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को फिर से शुरू करना, कर्नलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर तक कांवड़ मार्ग की सफाई, कौड़िया बाजार में नया ट्रांसफार्मर लगाना, शुकुल कौड़िया, कोडारी और जेठपुरवा का विद्युतीकरण, टनटनवापुर-उसरैना मार्ग की मरम्मत, होम्योपैथिक अस्पताल का निर्माण, किसानों के लिए खाद की स्थायी व्यवस्था और आर्यनगर विद्युत पावर हाउस की क्षमता बढ़ाने जैसी मांगें शामिल हैं।
आंदोलनकारियों ने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह लड़ाई क्षेत्र के विकास, बेहतर सुविधाओं और आम जनता के अधिकारों के लिए है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जिला प्रशासन इस आंदोलन पर क्या फैसला लेता है।
Updated on:
06 Aug 2026 02:10 pm
Published on:
06 Aug 2026 02:10 pm
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