2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ABVP जन–जन तक पहुंचाएगी मीसा बंदियों पर हुई बर्बरता, लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला है “आपातकाल” : रमेश

गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद "आपात काल" के पचास वर्ष पूर्ण होने पर एक संगोष्ठी का आयोजन की, जिसमें मुख्य वक्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश रहे।

2 min read
Google source verification
Up news, gorakhpur news, ABVP news

फोटो सोर्स: पत्रिका आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर ABVP की संगोष्ठी संपन्न

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरखपुर महानगर इकाई द्वारा स्वाधीन भारत के इतिहास में काले अध्याय के रूप में वर्ष 1975 से 1977 तक देश पर थोपे गए आपातकाल के 50 वें वर्ष पर ’आपातकालीन संघर्ष गाथा ’ नामक संगोष्ठी का आयोजन कर आपातकाल के दौरान संविधान को बदलने के प्रयास, एकदलीय प्रणाली को स्थापित करने की जैसी देशघाती मंशा पर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने विचार प्रस्तुत किया।

यह भी पढ़ें: ‘जबरन नसबंदी, बर्फ पर लिटाया, भूखे रखा…’, आपातकाल का दंश झेल चुके लोगों ने बयां किया अपना दर्द

इनकी रही उपस्थिति

जिसमें मुख्य रूप से गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, नवल्स अकादमी के चेयमैन डॉ. संजयन त्रिपाठी, इंटरनेशन दिल्ली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन विकास अग्रवाल,प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह व महानगर अध्यक्ष डॉ विवेक शाही उपस्थित रहें। संगोष्ठी का प्रस्ताव डॉ.राकेश प्रताप सिंह ने और संचालन शुभम गोविंद राव ने किया।

25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में जोड़ा गया काला अध्याय

प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि आज से ठीक 50 वर्ष पूर्व, 25 जून 1975 को, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ा गया जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया।इस दौरान प्रेस की स्वतंत्रता का गला घोटा गया, नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन हुआ और हजारों निर्दोष लोगों, जिन्हें 'मीसा बंदी' कहा गया, को जेलों में अमानवीय यातनाएं दी गईं।

कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाने के लिए शक्ति का किया दुरुप्रयोग

कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाने के लिए जिस तरह से संवैधानिक प्रावधानों का दुरुपयोग किया, वह भारतीय लोकतंत्र पर एक अमिट धब्बा है।यह समय है कि हम सब मिलकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों और सुनिश्चित करें कि भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल ऐसी निरंकुशता थोपने का दुस्साहस न कर सके।

ABVP का अभियान सच्चाई को करेगा उजागर: प्रो पूनम टंडन, कुलपति

विशिष्ट अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय है, जब तत्कालीन सरकार ने आपातकाल लागू कर लोकतंत्र का गला घोंट दिया था।उन्होंने अभाविप द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान की प्रशंसा की, जिसका उद्देश्य आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों और संविधान पर हुए हमलों की सच्चाई को उजागर करना है।

बोले संजयन त्रिपाठी

नवल्स अकादमी के चेयरमैन डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कहा कि यह अभियान युवाओं को हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करेगा और उन्हें भविष्य में ऐसे किसी भी तानाशाही कदम के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करेगा।आभार व्यक्त करते हुए विकास अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी परिषद यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशंसनीय कार्य कर रही है कि इन बलिदानों को कभी भुलाया न जाए।

मुख्य रूप से गोरक्ष प्रांत के सह प्रचारक सुरजीत, अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो.उमा श्रीवास्तव, प्रांत मंत्री मयंक राय, दिवाकर सिंह,ऋषभ सिंह , सौम्या गुप्ता, संपदा द्विवेदी, निखिल गुप्ता, ओंकार मिश्र आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहें।


बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग