
फोटो सोर्स: पत्रिका, ABVP का उग्र प्रदर्शन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, उनके अधिकारों की रक्षा और समाज व राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। परिषद सदैव शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु संघर्ष करती रही है।
इसी क्रम में, श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU), बाराबंकी में छात्रों से की जा रही खुली लूट और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से विधि पाठ्यक्रमों की मान्यता न होने के बावजूद प्रवेश के नाम पर हो रहे छात्रों के साथ सीधी धोखाधड़ी जैसे तमाम अन्यायों और भ्रष्टाचार के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे।
परंतु आततायी विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की जायज़ आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस बल और बाहरी असामाजिक तत्वों की मदद से आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। परिणामस्वरूप निर्दोष छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज हुआ और कई विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हुए।
इस प्रकरण में मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा ABVP छात्रों को “गुंडा” कहना और उन पर हुए बर्बर पुलिसिया लाठीचार्ज को सही ठहराना से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अभाविप, गोरक्ष प्रांत कार्यालय से मंत्री ओमप्रकाश राजभर की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए छात्र संघ चौराहे पर पहुंची। यहां ABVP कार्यकर्ताओं ने ओमप्रकाश राजभर रूपी पुतले को जूते–चप्पलों की माला पहनाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद शवयात्रा गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंची, जहां पुतला दहन कर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। पूरा परिसर बड़बोले मंत्री के खिलाफ गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि छात्रों का अपमान और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मंत्री तुरंत अपने बयान पर माफी नहीं मांगते तो ABVP का आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।पुतला दहन के बाद मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी को मुख्यमंत्री संबोधित 7 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें विद्यार्थियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, दोषी विश्वविद्यालय प्रशासन पर सख्त दंड, और छात्रों की सभी वैध मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई।
अभाविप गोरक्ष प्रांत मंत्री मयंक राय ने कहा कि मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा ABVP के छात्रों को ‘गुंडा’ कहना न केवल विद्यार्थियों का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की आत्मा पर भी प्रहार है। श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज को सही ठहराना राजभर जी की अवसरवादी और भ्रष्ट मानसिकता को उजागर करता है। अभाविप स्पष्ट कर देना चाहती है कि शिक्षा और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि मंत्री अपने गैर-जिम्मेदाराना बयान पर तुरंत माफी नहीं मांगते, तो परिषद का आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
अभाविप गोरखपुर महानगर मंत्री अभिषेक मौर्या ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस गैर-जिम्मेदाराना, असंवेदनशील और भड़काऊ बयान की कड़ी निंदा करती है। परिषद का मानना है कि यह बयान न केवल छात्रों का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं की आवाज़ को दबाने का भी प्रयास है। शांतिपूर्ण आंदोलनरत युवाओं को ‘गुंडा’ कहना न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का अपमान है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
प्रदर्शन करने वाले में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऋषभ सिंह, सौम्या गुप्ता, सम्पदा द्विवेदी, प्रांत सह मंत्री अर्पित कसौधन, निखिल गुप्ता, किशन मिश्रा, दीपांशु, बृजकिशोर, हर्षित मालवीय, शुभम गोविंद राव आदि मौजूद रहे।
Updated on:
4 Sep 2025, 3:45 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 3:45 PM IST
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